
Munger Library Restoration: मुंगेर का गौरव, श्रीकृष्ण सेवा समिति पुस्तकालय, अपनी पुरानी शान खो चुका था। लेकिन अब जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर के आदेश पर इस ऐतिहासिक पुस्तकालय को फिर से जीवंत करने की कवायद शुरू हो गई है। यह कदम शहर की साहित्यिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मुंगेर लाइब्रेरी रेस्टोरेशन: क्या है डीएम का आदेश?
मुंगेर शहर की ऐतिहासिक पहचान से जुड़े श्री कृष्ण सेवा समिति पुस्तकालय को उसका पुराना वैभव लौटाने की दिशा में जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर ने इस Munger Library Restoration और इसके महत्व को समझते हुए इसे फिर से जीवंत करने के आदेश दिए हैं। दशकों पुराना यह पुस्तकालय कभी मुंगेर के सांस्कृतिक और बौद्धिक जीवन का केंद्र हुआ करता था, लेकिन समय के साथ इसकी चमक फीकी पड़ती गई। अब इस पुस्तकालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर एक बार फिर ज्ञान का केंद्र बनाने की तैयारी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पुस्तकालय का ऐतिहासिक महत्व और जीर्णोद्धार की योजना
बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की याद में स्थापित, यह पुस्तकालय उनके द्वारा दी गई 18,111 पुस्तकों और 105 अलमारियों से समृद्ध है। पुस्तकों का यहां खजाना है। 50,000 से अधिक पुस्तकें और लगभग 200 हस्तलिखित दुर्लभ पांडुलिपियां (भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़े पर) मौजूद हैं।
नई पीढ़ी को पढ़ने और सीखने के लिए एक बेहतर मंच देने की तैयारी
डिजिटलीकरण और जीर्णोद्धार: वर्तमान में मुंगेर के जिलाधिकारी द्वारा पांडुलिपियों के संरक्षण और ज्ञान भारतम पोर्टल पर उनके डिजिटलीकरण का कार्य किया जा रहा है, ताकि पुराने गौरव को वापस लाया जा सके।इस पुस्तकालय जीर्णोद्धार अभियान के तहत पुस्तकालय भवन की मरम्मत, नई पुस्तकों की खरीद, डिजिटली करण और फर्नीचर आदि की व्यवस्था की जाएगी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस परियोजना पर तेज़ी से काम करें ताकि जल्द से जल्द पुस्तकालय को आम जनता के लिए पूरी तरह से तैयार किया जा सके। स्थानीय बुद्धिजीवियों और साहित्य प्रेमियों ने जिला प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह पहल न केवल शहर के इतिहास को सहेजेगी, बल्कि नई पीढ़ी को पढ़ने और सीखने के लिए एक बेहतर मंच भी प्रदान करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह पुस्तकालय जीर्णोद्धार न केवल भवन का होगा, बल्कि मुंगेर की शैक्षिक आत्मा का भी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य मुंगेर की साहित्यिक विरासत को पुनर्जीवित करना और युवाओं के बीच पठन-पाठन की आदतों को बढ़ावा देना है। जिलाधिकारी की दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता से यह उम्मीद जगी है कि श्री कृष्ण सेवा समिति पुस्तकालय जल्द ही अपने पुराने गौरव को पुनः प्राप्त करेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







