

Bihar Naxalite News: अपराध के जंगल में जब कानून का सूरज उगता है, तो बड़े से बड़ा खूंखार अपराधी भी अपनी मांद से बाहर निकलने को मजबूर हो जाता है। बिहार के मुंगेर जिले में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब तीन लाख के इनामी और आतंक का पर्याय बन चुका कुख्यात नक्सली सुरेश कोड़ा ने आखिरकार पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। यह घटना राज्य में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
Bihar Naxalite News: दशकों से सक्रिय नक्सली का आत्मसमर्पण
मुंगेर जिला पुलिस और सुरक्षाबलों के लगातार दबाव के बाद, कुख्यात नक्सली सुरेश कोड़ा ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। सुरेश कोड़ा पर हत्या, अपहरण, विस्फोट सहित 50 से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे, जिसने दशकों तक इस क्षेत्र में भय का माहौल बनाए रखा था। वह लंबे समय से बिहार और झारखंड के सीमावर्ती पहाड़ी इलाकों में छिपकर अपनी नक्सली गतिविधियां अंजाम दे रहा था। उसके सरेंडर को राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरेश कोड़ा पर बिहार सरकार द्वारा तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस के लिए बड़ी सफलता और शांति की उम्मीद
सुरेश कोड़ा का आत्मसमर्पण मुंगेर पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उसके सरेंडर से क्षेत्र में शांति बहाली की उम्मीद जगी है और लोगों ने राहत की सांस ली है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि सुरेश कोड़ा से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण राज और अन्य नक्सली संगठनों से जुड़ी जानकारी मिल सकती है, जिससे भविष्य में नक्सलवाद को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस आत्मसमर्पण के साथ ही, प्रशासन ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि अपराध का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों का स्वागत है, जबकि हिंसा का मार्ग चुनने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
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