
Munger News: जब शहर की सड़कें वीरांगनाओं के शौर्य और देवियों की भक्ति से सराबोर हो गईं, तो मुंगेर की धरा गौरव से भर उठी। संघ शताब्दी वर्ष को समर्पित एक भव्य आयोजन में हजारों महिलाओं ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया, जिससे समाज को एक नई दिशा मिली।
Munger News: मुंगेर में ‘सप्तशक्ति’ का संगम, 4000 से अधिक महिलाओं ने झांकी निकाल भरी हुंकार, जानिए क्या रहा खास
रविवार का दिन मुंगेर के लिए ऐतिहासिक बन गया जब सरस्वती विद्या मंदिर, पुरानीगंज का प्रांगण हजारों महिलाओं की ऊर्जा से जीवंत हो उठा। अवसर था संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भारती शिक्षा समिति एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति, बिहार के तत्वावधान में आयोजित प्रांतीय सप्तशक्ति संगम-2026 का भव्य समापन समारोह। इस कार्यक्रम में भागलपुर, बांका, मुंगेर, पटना, गया, भोजपुर और रोहतास जैसे विभिन्न विभागों से सरस्वती विद्या मंदिरों की महिला आचार्यों, छात्राओं की माताओं और स्थानीय समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिनकी कुल संख्या चार हजार से भी अधिक थी।
Munger News: सरस्वती विद्या मंदिर से निकली भव्य झांकी ने मोहा मन
कार्यक्रम का शुभारंभ एक भव्य झांकी के साथ हुआ, जिसने पूरे शहर में देशभक्ति और आध्यात्मिकता का संचार कर दिया। यह झांकी सरस्वती विद्या मंदिर, पुरानीगंज से शुरू होकर गोला रोड, अम्बे चौक और कोणार्क सिनेमा से होते हुए वापस विद्यालय परिसर में समाप्त हुई। झांकी में सबसे आगे चल रहे घोष दल की धुन ने वातावरण को राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत कर दिया। झांकी का विशेष आकर्षण अपूर्वता एवं अक्षिता कुमारी रहीं, जिन्होंने घोड़े पर सवार होकर वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के स्वरूप को जीवंत कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहीं, स्नेहा कुमारी झा, वैष्णवी कुमारी, अम्बिका, अलिशा, लक्ष्मी, आशिमा, आराध्या, अनन्या एवं आस्था सिंह ने दुर्गा के नौ स्वरूपों का ऐसा प्रभावशाली प्रदर्शन किया कि दर्शक भक्ति में डूब गए।इस भव्य मातृशक्ति संगम में भारतीय वीरांगनाओं की झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें जीजाबाई (प्रिया), अहिल्याबाई (दृष्टि राय), रुद्रमादेवी (अनन्या), रानी लक्ष्मीबाई (कीर्ति), भगिनी निवेदिता (आयुषी), महादेवी वर्मा (तृषा), एनी बेसेंट (नवांशी) एवं सावित्रीबाई फुले (मिस्टी) के स्वरूपों ने दर्शकों को भारतीय इतिहास में महिलाओं के अतुलनीय योगदान का स्मरण कराया। रास्ते में लोगों ने कलाकारों पर पुष्प वर्षा कर और माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
मुख्य अतिथि ने महिलाओं को बताया समाज की आधारशिला
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्रसिद्ध पर्यावरणविद और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित जया देवी ने अपने उद्बोधन में मातृशक्ति को समाज की वास्तविक आधारशिला बताया। Munger News के इस कवरेज में हम आपको बता दें कि उन्होंने माताओं एवं बहनों से आह्वान किया कि वे परिवार और समाज में नैतिक मूल्यों के संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं संस्कार, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक हो जाएं, तो राष्ट्र को सशक्त और समृद्ध बनने से कोई नहीं रोक सकता।सप्तशक्ति संगम की क्षेत्रीय संयोजिका और कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. पूजा ने अपने संबोधन में कहा कि इस मातृशक्ति संगम का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास, संगठन और राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत करना है। उन्होंने पंच परिवर्तन- कुटुम्ब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य एवं स्वदेशी जागरण पर जोर देते हुए कहा कि इन्हीं से एक संगठित और जागरूक नागरिक का निर्माण संभव है। इसके साथ ही उन्होंने स्त्री के सात गुणों- कीर्ति, श्री, वाक्, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा की विस्तृत चर्चा की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रही। बहनों द्वारा प्रस्तुत सामूहिक गीत ‘हम ही मातृशक्ति हैं, हम ही आदिशक्ति हैं’ तथा ‘नवयुग का नवविचार आया’ ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति एवं संगठन की गौरवशाली परंपरा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कार्यक्रम में वृत्त कथन अमृता चौधरी द्वारा, अतिथि परिचय बालिका खंड की प्रभारी प्रधानाचार्या राखी कुमारी द्वारा और आभार ज्ञापन सुसुम यादव द्वारा किया गया। मंच का कुशल संचालन आचार्या सुरीति राज ने किया।इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे:
- प्रदीप कुमार कुशवाहा (प्रदेश सचिव, भारती शिक्षा समिति)
- अमरनाथ केशरी (अध्यक्ष, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति)
- अशोक पटेल (सचिव, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति)
- वीरेंद्र कुमार (जिला निरीक्षक, मुंगेर विभाग)
- उमाशंकर पोद्दार (विभाग प्रमुख, गया जी विभाग)
- ब्रह्मदेव प्रसाद (विभाग निरीक्षक, बांका विभाग)
- सतीश कुमार सिंह (जिला निरीक्षक, भागलपुर विभाग)
- धरणी कांत पांडेय (विभाग निरीक्षक, रोहतास विभाग)
- संजय कुमार सिंह (प्रधानाचार्य)







