spot_img

Bird Flu : कौवों की रहस्यमयी मौत

spot_img
- Advertisement -

मुंगेर | हवेली खड़गपुर प्रखंड के तेघड़ा गांव में अचानक दर्जनभर कौवे मृत पाए गए, जिससे इलाके में बर्ड फ्लू की आशंका से दहशत फैल गई है। ग्रामीणों ने बताया कि कौवे आसमान से गिरते और कुछ ही देर में तड़पकर दम तोड़ देते।

- Advertisement -

ग्रामीणों में डर, बर्ड फ्लू की आशंका

⚠️ पिछले साल भी इसी गांव में बर्ड फ्लू से हुई थी कौवों की मौत
⚠️ गांव के कई इलाकों में मरे हुए कौवे मिलने से लोग सहमे
⚠️ बगीचों और खेतों में कीटनाशक छिड़काव से भी मौत की संभावना

- Advertisement -

पशु चिकित्सा विभाग की जांच जारी

👨‍⚕️ प्रभारी पशु चिकित्सा पदाधिकारी अंजार कुरैशी ने बताया कि –
✔️ बगीचे में गंदगी और कीटनाशक के असर की जांच की जा रही है
✔️ मृत कौवों के सैंपल को लैब भेजा जाएगा
✔️ ग्रामीणों को सावधानी बरतने की अपील

- Advertisement -

क्या करें ग्रामीण?

📌 मरे हुए कौवों को गहरे गड्ढे में दफन करें, ऊपर से चूना डालें
📌 इलाके में फैले डर को कम करने के लिए जांच रिपोर्ट का इंतजार करें
📌 संक्रमण की स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचना दें

👉 क्या यह बर्ड फ्लू है या कीटनाशक का असर? जल्द ही जांच से होगा खुलासा।

DeshajTimes.com पर बने रहें, ताज़ा अपडेट जल्द…

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Muzaffarpur News मुजफ्फरपुर में DM-SSP के आदेश फेल! छाता बाजार में खुलेआम सज गईं अवैध पटाखों की दुकानें

Muzaffarpur News: Muzaffarpur में DM-SSP के सख्त आदेश और NGT के प्रतिबंध ध धज्जियां उड़ते हुए छाता बाजार में अवैध पटाखों की दुकानें खुलेआम संचालित हो रही हैं।

Muzaffarpur News बिहार की दो बेटियों का कमाल! जॉर्जिया में वुशू प्रतियोगिता में जीते स्वर्ण और कांस्य पदक

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर की दो सगी बहनों ईशा और अपराजिता मिश्रा ने जॉर्जिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वुशू प्रतियोगिता में स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।

चलती ट्रेन में चढ़ना पड़ा भारी! गया जंक्शन पर ट्रैक पर फंसे यात्री की दर्दनाक मौत

Gaya News: गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर छह पर रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान पैर फिसलने से एक यात्री की दर्दनाक मौत हो गई।

ड्रोन से निगरानी और सेंसर से सिंचाई! भागलपुर के किसानों के लिए खास ट्रेनिंग

Bhagalpur smart horticulture: भागलपुर के 30 किसानों को स्मार्ट बागवानी का पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ड्रोन और सेंसर तकनीक से खेती की लागत घटेगी और फल उत्पादन बढ़ेगा।