

गायघाट न्यूज़: लगातार खबर चलने के बाद आखिरकार अब एक्शन हो गया है। जांच का आदेश दिया गया है। उसके बाद आनन फानन में विभाग चदरा से चारों ओर घेरकर घर बनाया बनाया जा रहा है।बिहार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना, जिसका उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, अब सवालों के घेरे में है। मुजफ्फरपुर के गायघाट स्थित शिवदहा वार्ड 8 में सामने आया एक ऐसा मामला, जिसने योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों खर्च के बाद भी यह योजना दम तोड़ चुकी है, और ग्रामीण आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे हैं।… हालांकि अब पंचायती राज पदाधिकारी राजीव रंजन ने एक्शन लिया है। और पंचायत के पंचायत सचिव को तीन दिन के अंदर पंचायत में कौन सा वार्ड में नल जल योजना चल रहा है या नहीं, इसका जांच करने का आदेश दिया गया है। अगर नहीं चल रहा है तो वैसे अनुरक्षक को वेतन कैसे मिल गया। ये भी जांच का गंभीर विषय है।
जनता अब क्या इसका लाभ ले पाएगा?
लगातार जल स्तर कम होने के कारण हैंडपंप भी साथ छोड़ रहे हैं। लेकिन विभागीय अफसरों और पंचायत के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने पानी के लिए कोई प्रयास नहीं किए है जिसके चलते ग्रामीणजन परेशान होने पर मजबूर है। इस गांव में नल-जल योजना भी स्वीकृत नहीं है। जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
नहीं बनी कार्ययोजना : गांवों में बंद पड़ी नल-जल योजना और पानी की व्यवस्था को लेकर कोई कार्ययोजना अधिकारियों ने अभी तक नहीं बनाई है। न ही गांव में बिछी नल-जल योजना की जानकारी है। जिससे गांव में सब कुछ भगवान भरोसे ही संचालित किया जा रहा है। ग्रामीण कई बार अधिकारियों से माैखिक और आवेदन देकर नल-जल योजना चालू करवाने की बात कह चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई प्रयास अधिकारियों ने नहीं किए है। जिससे हमेशा के लिए ये नल जल चालू हो सके।



