Bihar Industrial Policy: कभी समृद्धि का प्रतीक रहे, आज धूल फांक रहे कारखानों की साँसें लौटाने का मौका आया है। बियाडा की एमनेस्टी पॉलिसी-2025 की आवेदन की तारीख बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी गई है, जिससे मुजफ्फरपुर समेत बिहार के बंद उद्योगों को बकाया भुगतान में राहत मिलेगी। यह कदम न केवल कानूनी विवादों को निपटाने में सहायक होगा, बल्कि औद्योगिक इकाइयों को एक नई शुरुआत देने का अवसर भी प्रदान करेगा।
बिहार राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने और लंबे समय से बंद पड़ी इकाइयों को फिर से सक्रिय करने के उद्देश्य से बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) ने अपनी एमनेस्टी पॉलिसी-2025 की समयावधि में महत्वपूर्ण विस्तार किया है। पहले यह नीति 31 मार्च 2025 तक प्रभावी थी, जिसे अब एक साल आगे बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दिया गया है। यह निर्णय उन तमाम उद्यमियों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया है जिनकी औद्योगिक इकाइयां विभिन्न कारणों से बंद हो चुकी हैं और उन पर बियाडा का बकाया है। इस नई बिहार औद्योगिक नीति का उद्देश्य राज्य में निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह विस्तार विशेष रूप से मुजफ्फरपुर सहित राज्य भर के औद्योगिक क्षेत्रों में बंद पड़े उद्योगों को बकाया भुगतान में छूट, लंबित कानूनी विवादों के निपटारे और अंततः अपनी इकाइयों को फिर से चालू करने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। कई बंद उद्योग वित्तीय संकट, कानूनी अड़चनों या अन्य प्रशासनिक समस्याओं के कारण निष्क्रिय पड़े थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बिहार औद्योगिक नीति का उद्योगों पर प्रभाव
इस नीति के तहत, बियाडा विभिन्न प्रकार के बकाया और शुल्कों में छूट प्रदान करता है, जिससे उद्यमियों पर वित्तीय बोझ कम होता है। यह छूट पूंजीगत लागत पर ब्याज, रखरखाव शुल्क, और लीज रेंट के बकाए पर लागू होती है। इसका सीधा फायदा उन हजारों बंद उद्योग इकाइयों को मिलेगा जो इस बोझ तले दबी हुई थीं। यह कदम राज्य के औद्योगिक परिदृश्य में एक सकारात्मक बदलाव ला सकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
इस पहल से न केवल पुराने विवाद सुलझेंगे, बल्कि नए निवेश और रोजगार सृजन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। सरकार का यह प्रयास स्पष्ट रूप से बिहार को औद्योगिक मानचित्र पर एक मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बंद उद्योग इकाइयों के पुनरुद्धार से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उद्यमियों के लिए सुनहरा मौका
एमनेस्टी पॉलिसी-2025 का यह विस्तार उन उद्यमियों के लिए एक स्वर्णिम अवसर है जो अपनी इकाइयों को फिर से शुरू करने के इच्छुक हैं लेकिन पुराने बकाए और कानूनी पेचीदगियों के कारण ऐसा नहीं कर पा रहे थे। बियाडा ने स्पष्ट किया है कि इस बढ़ी हुई अवधि में आवेदन करने वाले उद्यमियों को विशेष रियायतें दी जाएंगी, जिससे वे बिना किसी अतिरिक्त दबाव के अपनी औद्योगिक गतिविधियों को पुनः प्रारंभ कर सकें। इस नीति का लाभ उठाकर, उद्यमियों को अपने पुराने दायित्वों से मुक्ति मिलेगी और वे नए सिरे से अपनी व्यावसायिक यात्रा शुरू कर पाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करेगा कि बिहार में औद्योगिक विकास की गति बनी रहे।




