
Bihar Road Project: बिहार में सड़कों का जाल लगातार बिछ रहा है और इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन एक बड़ा कदम है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मुख्यालय मंजूरी के लिए भेज दिया है। अनुमान है कि यह करीब 3000 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और बिहार की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देगा।
जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन के लिए कई बार DPR में बदलाव किए गए और अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए NHAI मुख्यालय भेजा गया है। पहले केवल फोरलेन का DPR बनाया गया था, लेकिन बाद में रामदयालु आरओबी को भी इसमें शामिल किया गया, जिससे इसकी महत्ता और बढ़ गई। NHAI के अधिकारियों के अनुसार, मुख्यालय स्तर पर रिपोर्ट की गहन जांच के बाद ही इसे अंतिम मंजूरी मिलती है। यह प्रक्रिया पूरी होने में लगभग 2 महीने का समय लग सकता है, जिसके बाद परियोजना के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे।
टेंडर प्रक्रिया और लागत का अनुमान: एक महत्वाकांक्षी Bihar Road Project
इस महत्वाकांक्षी Bihar Road Project पर लगभग 3000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह सड़क परियोजना लगभग 100 किलोमीटर लंबी होगी, जो चांदनी चौक से बरौनी तक का सीधा मार्ग प्रशस्त करेगी। इस सड़क के निर्माण से मुजफ्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
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बदलेगी बिहार की तस्वीर: क्या होगा फायदा?
मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन के बन जाने से मुजफ्फरपुर से बेगूसराय, पूर्णिया और बंगाल तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा। अभी मुजफ्फरपुर से पूर्णिया जाने के लिए दरभंगा फोरलेन होते हुए जाना पड़ता है, जिसकी दूरी लगभग 300 किलोमीटर है। लेकिन इस फोरलेन परियोजना के तैयार होने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 250 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। इस Bihar Road Project के पूरा होने से न सिर्फ यातायात सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
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परियोजना की ख़ास बातें
- इस फोरलेन परियोजना में ताजपुर कोल्ड स्टोरेज, मुसरीघरारी और दलसिंहसराय चौक पर एलिवेटेड स्ट्रक्चर (उड़ानपुल) बनाए जाएंगे।
- कुल 20 से अधिक पुल-पुलियाओं का निर्माण किया जाएगा, जिससे जल निकासी और यातायात प्रबंधन बेहतर होगा।
- यह परियोजना मुजफ्फरपुर के कई प्रखंडों को सीधा लाभ पहुंचाएगी, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की दूरी कम होगी।






