

मुजफ्फरपुर न्यूज़: एक तरफ बीजेपी नेता का गोली लगने से घायल होना और दूसरी तरफ अपराधियों पर आरोप… इस पूरी कहानी में एक ऐसा मोड़ आया, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया. पुलिस की जांच ने सामने ला दी है वो सच्चाई, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी!
दरअसल, मुजफ्फरपुर में एक बीजेपी नेता को गोली लगने के बाद हड़कंप मच गया था. नेताजी ने दावा किया था कि कुछ अज्ञात अपराधियों ने उन पर हमला किया और उन्हें गोली मार दी. इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी गहमागहमी तेज हो गई थी और पुलिस पर जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ने का दबाव बढ़ गया था.
क्या था पूरा मामला?
यह मामला मुजफ्फरपुर जिले का है, जहां कुछ समय पहले बीजेपी के एक स्थानीय नेता ने आरोप लगाया था कि देर रात उन पर हमला हुआ और उन्हें गोली मारकर घायल कर दिया गया. उन्होंने बताया कि हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए. प्रारंभिक जांच में पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और नेताजी के बयानों के आधार पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया था.
पुलिस ने अपनी छानबीन शुरू की, जिसमें आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई. घायल नेताजी का इलाज चल रहा था और उनके स्वास्थ्य को लेकर भी लोग चिंतित थे. लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को कुछ ऐसे संकेत मिलने लगे, जो नेताजी की बताई कहानी से मेल नहीं खा रहे थे.
पुलिस जांच में खुली पोल
जांच अधिकारियों ने जब गहराई से पड़ताल की, तो एक चौंकाने वाला सच सामने आया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी नेता को अपराधियों ने नहीं, बल्कि खुद उन्हीं की लाइसेंसी पिस्तौल से गोली लगी थी. बताया जा रहा है कि यह घटना हथियार के साथ लापरवाही बरतने के दौरान हुई थी. ऐसा प्रतीत होता है कि नेताजी अपनी पिस्तौल से छेड़छाड़ कर रहे थे या उसे साफ कर रहे थे, तभी अचानक गोली चल गई और वह घायल हो गए.
इस खुलासे के बाद पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदल दी. नेताजी के बयानों और घटनास्थल से मिले फॉरेंसिक सबूतों के बीच विरोधाभास साफ नजर आ रहा था. फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने इस बात की पुष्टि की कि गोली किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं चलाई थी, बल्कि यह आत्मघाती या आकस्मिक तौर पर चली थी.
नेताजी की बताई कहानी पर सवाल
पुलिस के अनुसार, नेताजी ने घटना के बाद घबराहट में या फिर कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए यह कहानी गढ़ी कि उन पर अपराधियों ने हमला किया है. इस तरह उन्होंने न केवल पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, बल्कि आम जनता में भी डर और भ्रम का माहौल पैदा किया. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि नेताजी ने जानबूझकर ऐसा बयान क्यों दिया और क्या इसके पीछे कोई अन्य मकसद भी था.
इस घटना ने एक बार फिर हथियारों के सुरक्षित रखरखाव और इस्तेमाल की आवश्यकता पर जोर दिया है. खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास लाइसेंसी हथियार हैं, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है ताकि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से बचा जा सके.
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है. नेताजी के खिलाफ पुलिस को गुमराह करने और झूठी जानकारी देने के आरोप में कार्रवाई की जा सकती है. यह घटना सार्वजनिक रूप से सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का विषय बन गई है और लोग इस पूरे प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. पुलिस ने सभी को आश्वस्त किया है कि सच्चाई के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।


