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Muzaffarpur के गायघाट में मूंग, उड़द बीज की ‘उलटबांसी’, 12 Km का चक्कर, OTP का ‘ फंदा ‘

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दीपक कुमार, गायघाट, देशज टाइम्स | Muzaffarpur के गायघाट में मूंग, उड़द बीज की ‘उलटबांसी’ से किसान लाचार बने बैठे हैं। 12 Km का चक्कर मगर OTP का ‘ फंदा ‘ इन्हें कहीं का नहीं छोड़ा।

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12 किलोमीटर दूर गायघाट में बीज वितरण केंद्र

प्रखंड के किसानों को मूंग और उड़द का बीज नहीं मिल पाने से परेशानी बढ़ गई है। 12 किलोमीटर दूर गायघाट में बीज वितरण केंद्र है। वहां पहुंचने के बाद ओटीपी रहने के बावजूद बीज नहीं दिया जा रहा है। किसानों ने जिला कृषि पदाधिकारी को पत्र और दूरभाष के माध्यम से बीज नहीं मिलने की शिकायत की है।

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बीज न मिलने से नाराजगी, किसानों की शिकायत

किसानों ने बताया कि—

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  • ओटीपी (OTP) होने के बावजूद केंद्र पर बीज नहीं दिया जा रहा है।
  • जिला कृषि पदाधिकारी को पत्र और फोन के माध्यम से शिकायत की गई है।
  • किसानों का कहना है, यदि किसानों को समय पर बीज नहीं मिला, तो उनकी खेती प्रभावित होगी।
  • कुछ किसान मोबाइल लेकर नहीं आए थे, उन्हें भी बिना बीज के लौटना पड़ा।
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बीज वितरण की जटिल प्रक्रिया से बढ़ी परेशानी

  • किसान सलाहकार पहले किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण करते हैं, जिससे किसानों के मोबाइल पर ओटीपी (OTP) आता है।
  • यह ओटीपी बीज विक्रेता को देना होता है, जिसके बाद विक्रेता ऑनलाइन पुष्टि करता है।
  • इसके बाद एक और ओटीपी किसान के मोबाइल पर आता है, जिसे फिर से विक्रेता को देना पड़ता है।
  • अंतिम चरण में, विक्रेता सरकार की ओर से निर्धारित मूल्य पर बीज देता है।
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समस्या क्यों हो रही है?

  • पूरी प्रक्रिया में ज्यादा समय लग रहा है, जिससे किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं
  • कई किसानों के पास मोबाइल नहीं था, जिससे वे ओटीपी प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके।
  • विक्रेताओं की ओर से भी लापरवाही की शिकायतें मिल रही हैं।

किसानों की मांग

  • बीज वितरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए
  • किसानों को समय पर और आसानी से बीज उपलब्ध कराया जाए
  • बीज वितरण केंद्र की संख्या बढ़ाई जाए ताकि किसानों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े

    गायघाट में मूंग और उड़द बीज की किल्लत, किसानों में नाराजगी

    रामदयाल साह, विनोद ठाकुर, कुंदन कुमार, सरोज कुमार, कौशल किशोर और प्रशांत कुमार सहित कई किसानों ने शिकायत की कि 12 किलोमीटर दूर स्थित गायघाट बीज वितरण केंद्र पर पहुंचने के बाद भी उन्हें बीज नहीं देकर वापस घर भेज दिया जाता है। अब किसान कहां जाएं।

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प्रशासन की प्रतिक्रिया

अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द बीज उपलब्ध कराया जाए ताकि उनकी खेती प्रभावित न हो।

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