
गायघाट, देशज टाइम्स। जहरीली शराब पीने से लगातार हो रहीं मौतें भी इस पर प्रश्नचिन्ह लगा रहीं हैं। बीते दिनो में सात दिनों के बिहार के छपरा में दर्जन से अधिक लोगों की मौत के बाद बिहार सरकार पूरी तरह एक्शन में आ तो गई, लेकिन शायद ही कोई दिन बीतता है कि शराब बरामदगी तथा धंधेबाजों के पकड़े जाने की खबर मीडिया की सुर्खियां न बनती हों।
देसी या नकली विदेशी शराब जब जहरीली हो जा रही तो लोगों की जान जा रही है। आखिर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दृढ़ निश्चय व तमाम सरकारी प्रयासों के बावजूद राज्य में शराबबंदी क्यों विफल होती दिख रही है।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जनवरी, 2021 से अक्टूबर तक प्रदेश में 38 लाख लीटर से अधिक शराब पकड़ी जा चुकी है जबकि 62 हजार से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए हैं। वाकई, यह प्रश्न लाजिमी है कि बिहार में यह कैसी शराबबंदी है।
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इस दौरान गायघाट पुलिस भी दो लीटर देशी शराब के संग जारंग पेठिया के समीप से दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया हैं। उसकी पहचान राजकुमार महतो और अनोज कुमार के रूप में हुई हैं। थानाध्यक्ष अनूप कुमार ने बताया कि पुलिस उत्पाद उलंघन मामले में प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया हैं।
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