

Lauria Sugar Mill Scam: न्याय की चक्की थोड़ी धीमी चलती है, लेकिन जब चलती है तो दशकों पुरानी धूल भी साफ कर देती है। एक ऐसे ही मामले में, पश्चिमी चंपारण के लाैरिया चीनी मिल घोटाले में 25 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार फैसला आ गया है।
Lauria Sugar Mill Scam: 25 साल बाद आया ऐतिहासिक फैसला, उप प्रबंधक समेत 6 को जेल
Lauria Sugar Mill Scam: न्याय के इंतजार की लंबी कहानी
बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में हुए बहुचर्चित Lauria Sugar Mill Scam में न्याय का पहिया घूम चुका है। साढ़े तीन दशक से भी अधिक पुराने इस मामले में विशेष अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए छह दोषियों को जेल भेज दिया है। इन दोषियों में चीनी मिल का उप प्रबंधक भी शामिल है। यह फैसला राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी विशेष लोक अभियोजक ने अदालत के समक्ष छह महत्वपूर्ण गवाहों को पेश किया। इन गवाहों के बयानों और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर ही विशेष अदालत ने अपना अंतिम निर्णय दिया। यह भ्रष्टाचार का मामला राज्य के लिए एक बड़ा सबक है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
दोषियों को मिली सजा, भ्रष्टाचार पर लगाम
इस ऐतिहासिक फैसले के बाद, दोषी व्यक्तियों को कानून के शिकंजे में कस दिया गया है। करीब 25 साल तक चली कानूनी प्रक्रिया और लंबी सुनवाई के बाद अब जाकर यह मामला अपने अंजाम तक पहुंचा है। इस फैसले से उन सरकारी तंत्रों में बैठे लोगों को भी कड़ा संदेश मिलेगा जो अपने पद का दुरुपयोग कर जनता के धन का गबन करते हैं। यह दर्शाता है कि कानून की नजर से कोई भी अपराधी बच नहीं सकता, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विशेष लोक अभियोजक ने मामले की पैरवी पूरी मुस्तैदी से की, जिसके परिणामस्वरूप दोषियों को सजा मुकम्मल हुई। यह केवल एक चीनी मिल घोटाला नहीं, बल्कि साढ़े तीन दशक पुराने ऐसे भ्रष्टाचार मामलों के लिए एक नजीर बन सकता है। ऐसे फैसले आम जनता का न्यायपालिका पर विश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें यह भरोसा दिलाते हैं कि देर से ही सही, न्याय अवश्य मिलता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



