spot_img

Sir, खाना दो ना… भूख से बिलखते बच्चों की गुहार, गायघाट के स्कूलों में 3 दिन से बंद मिड-डे मील

गायघाट के सरकारी स्कूलों में दो दिनों से मिड-डे मील का चूल्हा ठंडा है। मासूम बच्चों की आंखों में भूख और हाथों में खाली थाली देखकर दिल पसीज जाता है। 'Sir, खाना दो ना...' ये मासूमों की वो पुकार है जो पूरे सिस्टम से सवाल कर रही है।

spot_img
- Advertisement -

दीपक कुमार, गायघाट | गायघाट प्रखंड के शिवदाहा पंचायत अंतर्गत बठवाड़ा और जहांगीरपुर राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय में छात्र-छात्राओं को तीन और दो दिनों से मध्यान भोजन (MDM) नहीं मिला। यह स्थिति ग्रामीणों द्वारा सूचना देने के बाद सामने आई।

- Advertisement -

विद्यालयों की स्थिति पर छात्रों की शिकायत

जब मध्यान भोजन योजना का जायजा लिया गया, तो छात्रों ने बताया:

- Advertisement -
  • बठवाड़ा स्कूल:
    • तीन दिनों से भोजन नहीं बनाया गया।
    • छात्र-छात्राओं ने कहा, “अंकल, हम रोज स्कूल आते हैं, लेकिन हमें भोजन नहीं मिलता।”
  • जहांगीरपुर स्कूल:
    • दो दिनों से गैस सिलेंडर की कमी के कारण भोजन नहीं बनाया गया।

विद्यालय प्रबंधन का पक्ष

  • बठवाड़ा स्कूल के एचएम (प्रधान शिक्षक) हरिश्चंद्र मंडल ने कहा:
    • “रसोईया के घर शादी होने की वजह से भोजन नहीं बन पाया।”
  • जहांगीरपुर स्कूल के एचएम राम सेवक यादव ने कहा:
    • “गैस सिलेंडर की उपलब्धता न होने के कारण भोजन बनाना संभव नहीं हुआ।”

प्रशासन की प्रतिक्रिया

  • प्रखंड एमडीएम प्रभारी चंदन शर्मा:
    • “मध्यान भोजन नहीं बनने की शिकायत मिली है। जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।”
  • बीईओ (प्रखंड शिक्षा अधिकारी) तारा कुमारी:
    • “दोनों विद्यालयों में मध्यान भोजन की अनियमितता पर जांच होगी। स्कूल सचिव ने भी सूचना दी है। जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।”

मध्यान भोजन योजना की गड़बड़ी पर सवाल

यह घटना सरकार की मध्यान भोजन योजना की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े करती है।

- Advertisement -
  • छात्रों को पोषण से वंचित करना न केवल प्रशासन की लापरवाही दर्शाता है, बल्कि छात्रों की शिक्षा में बाधा का भी कारण बन सकता है।
  • ऐसे मामलों में गैस सिलेंडर या रसोईया की अनुपस्थिति जैसी समस्याएं नियमित रूप से उठती हैं, जो योजना के सफल क्रियान्वयन में बड़ी बाधा हैं।

निष्कर्ष

जांच और त्वरित कार्रवाई से इस प्रकार की अनियमितताओं को रोका जा सकता है। मध्यान भोजन योजना का उद्देश्य बच्चों को पोषण और शिक्षा से जोड़ना है। इसे सुनिश्चित करने के लिए बेहतर निगरानी और जिम्मेदारी तय करना आवश्यक है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

30 साल बाद दानापुर लौटे पंकज त्रिपाठी, ‘मिर्जापुर’ की टीम ने पटना में मचाया धमाल!

Patna News: मिर्जापुर फिल्म के प्रमोशन के लिए पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु शर्मा पटना पहुंचे। पंकज त्रिपाठी ने दानापुर स्टेशन पर 30 साल बाद आकर अपनी पुरानी यादें ताज#MirzapurFilm,#PankajTripathi,#PatnaNews

पटना के पास बनेगा नया शहर! सरकार ने आम जनता से मांगे सुझाव, जानें कैसे बदल जाएगी आपकी जिंदगी| पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड टाउनशिप की मुख्य...

Bihar New City: बिहार सरकार ने पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की मसौदा योजना पर हितधारकों और आम जनता से सुझाव मांगे हैं। यह योजना पटना के शहरी दबाव को कम करने और नए विक#BiharNewCity,#PataliputraTownship,#BiharUrbanDevelopment

Darbhanga Crime दरभंगा में खूनी खेल: पैसों के लिए भतीजे का कत्ल, शव जलाकर सबूत मिटाए! पुलिस को मिले डरावने अवशेष

Darbhanga News: दरभंगा के बहेड़ी थाना क्षेत्र में पैसों के लेन-देन को लेकर एक भतीजे की निर्मम हत्या कर दी गई है। आरोप है कि मामी और ममेरे भाइयों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिय#DarbhangaNews,#BiharCrime,#MurderMystery

Madhubani News मधुबनी- नेपाल बॉर्डर पर 2.40 लाख नेपाली नोटों का जखीरा! SSB ने दबोचा बाइक सवार, हरलाखी का तस्कर एक्सपोज!

Bihar Border Smuggling: मधुबनी में भारत-नेपाल सीमा पर SSB ने अवैध गतिविधियों पर नकेल कसी है। पीपरौन चेक पोस्ट पर 2.40 लाख नेपाली मुद्रा और एक मोबाइल के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गय#BiharNews,#BorderSecurity,#MadhubaniCrime