

Muzaffarpur News: जब कुर्सी की गरिमा तार-तार हो जाए और लोकसेवक ही भक्षक बन बैठे, तब व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। इसी का एक जीता-जागता उदाहरण मुजफ्फरपुर में सामने आया है, जहां कृषि विभाग के एक बड़े अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।
राज्य ब्यूरो, पटना से मिली जानकारी के अनुसार, विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए मुजफ्फरपुर के अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सह प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार और उनके ड्राइवर रामबाबू राय को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तब हुई जब एक व्यक्ति ने खाद दुकान की जांच के नाम पर लाइसेंस रद्द करने की धमकी दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतकर्ता ने बताया था कि अधिकारी अपने ड्राइवर के माध्यम से 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। इस सूचना के बाद एसवीयू कार्यालय में तत्काल मामला दर्ज किया गया और एक गोपनीय जांच शुरू की गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद, भ्रष्टाचार के खिलाफ एक पुख्ता रणनीति तैयार की गई।
Muzaffarpur News: ऐसे बिछाया गया जाल, रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारी
पुलिस उपाधीक्षक बिंदेश्वर प्रसाद और पुलिस उपाधीक्षक सुधीर कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। इस टीम ने मंगलवार को अपनी योजना को अंजाम दिया और दोनों आरोपितों, हिमांशु कुमार और रामबाबू राय को रिश्वत की रकम लेते हुए धर दबोचा। मौके से 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। यह कार्रवाई दर्शाती है कि कानून के हाथ कितने लंबे होते हैं।
इस मामले में विशेष निगरानी इकाई थाने में विधिवत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपितों से फिलहाल गहन पूछताछ जारी है। इस तरह के मामलों पर देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
जांच में हुआ खुलासा, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और इसमें किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। यह दिखाता है कि प्रशासनिक तंत्र अब ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



