

Muzaffarpur News: जीवन रक्षक सुविधाओं का केंद्र जब खुद बीमार पड़ जाए, तो मरीजों का हाल बेहाल होना तय है। मुज़फ्फरपुर सदर अस्पताल में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब तकनीक की एक मामूली चूक ने उपचार व्यवस्था को घंटों ठप कर दिया। बुधवार को सदर अस्पताल में सर्वर अचानक डाउन हो गया, जिससे करीब एक घंटे तक मरीजों का इलाज पूरी तरह बाधित रहा। इस दौरान पर्ची कटवाने से लेकर डॉक्टर से परामर्श तक की सभी अस्पताल सेवाएँ प्रभावित हुईं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Muzaffarpur News: सदर अस्पताल में सर्वर ठप, एक घंटे तक रुका रहा इलाज
सुबह के समय जब अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ी थी, तभी सर्वर ने काम करना बंद कर दिया। मरीजों को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उनकी पर्ची क्यों नहीं कट रही है। देखते ही देखते ओपीडी काउंटर पर लंबी कतारें लग गईं और लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी। कई मरीज दूर-दराज के इलाकों से आए थे और उन्हें इलाज न मिल पाने के कारण मायूसी हाथ लगी। अस्पताल प्रशासन के सामने भी सर्वर की खराबी एक बड़ी चुनौती बन गई थी।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार सर्वर को ठीक कर लिया गया। सर्वर के वापस आने के बाद ही मरीजों का इलाज फिर से शुरू हो सका। इस पूरे घटनाक्रम ने अस्पताल की डिजिटल निर्भरता और ऐसी आपातकालीन स्थितियों के लिए बैकअप योजनाओं की आवश्यकता को उजागर किया है। बेहतर अस्पताल सेवाएँ सुनिश्चित करने के लिए ऐसी तकनीकी बाधाओं से निपटने की तैयारी बेहद ज़रूरी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
मरीजों को हुई भारी असुविधा
सर्वर डाउन होने से सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हुई जो सुबह-सुबह अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। एक घंटे की देरी के कारण ओपीडी में मरीजों का जमावड़ा और बढ़ गया। कुछ मरीज तो इतने परेशान हो गए कि उन्होंने अस्पताल परिसर में हल्का हंगामा भी किया। परिजनों का कहना था कि सरकारी अस्पताल में ऐसी लापरवाही ठीक नहीं है। अस्पताल प्रबंधन ने तकनीकी खराबी को जल्द ठीक करने का आश्वासन दिया, लेकिन इस बीच जो एक घंटा बर्बाद हुआ, वह मरीजों के लिए काफी कष्टप्रद था। अस्पताल प्रबंधन को भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए पुख्ता इंतजाम करने होंगे ताकि मरीजों को निर्बाध आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें।



