
Muzaffarpur LPG Crisis: रसोई घरों में चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं, और पेट में भूख की आग दहक रही है। मुजफ्फरपुर में गैस सिलेंडर की किल्लत और वितरण एजेंसियों की कथित मनमानी ने ऐसा ही हाल कर दिया है, जिससे जनमानस त्रस्त है। जिले में निर्बाध एलपीजी आपूर्ति के जिला प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
कांटी प्रखंड मुख्यालय के मुख्य गेट पर आज सैकड़ों ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। हाथों में खाली गैस सिलेंडर लिए ये ग्रामीण सड़क पर उतर आए और मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। उनका आरोप था कि सिलेंडर मिलने में भारी देरी हो रही है और एजेंसियों द्वारा मनमानी दर पर सिलेंडर बेचे जा रहे हैं। घंटों तक आवागमन ठप रहा, जिससे राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्हें कई दिनों से गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। बुकिंग के बाद भी डिलीवरी में हफ्तों लग रहे हैं, और कई बार तो सिलेंडर मिल ही नहीं रहा। ऐसे में लोगों को मजबूरन महंगे दामों पर निजी आपूर्तिकर्ताओं से सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Muzaffarpur LPG Crisis: आखिर क्यों गहराया रसोई गैस संकट?
स्थानीय लोगों के अनुसार, मुजफ्फरपुर में एलपीजी गैस सिलेंडर की यह गैस किल्लत कोई नई बात नहीं है। पिछले कुछ समय से यह समस्या गंभीर होती जा रही है। एजेंसी संचालकों पर अक्सर कालाबाजारी और तय मूल्य से अधिक दाम वसूलने के आरोप लगते रहे हैं। उपभोक्ताओं की शिकायत है कि उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है और प्रशासन इस ओर से आंखें मूंदे हुए है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार एक तरफ उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त कनेक्शन दे रही है, लेकिन जब गैस ही नहीं मिल रही तो ऐसे कनेक्शन का क्या फायदा? उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सिलेंडर की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने और दोषी एजेंसी संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। प्रदर्शन के कारण उत्पन्न स्थिति को संभालने के लिए मौके पर कांटी थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और अधिकारियों से ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही जाम हटाने को तैयार हुए।
प्रशासन के दावों की खुली पोल
मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन लगातार यह दावा करता रहा है कि जिले में एलपीजी सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है। लेकिन कांटी में हुए इस जन आक्रोश ने प्रशासन के इन दावों की पोल खोल दी है। यह घटना दर्शाती है कि आम जनता को अभी भी मूलभूत सुविधाओं के लिए कितना संघर्ष करना पड़ रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं पर गौर किया जाएगा और जल्द ही उचित कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, ग्रामीण अब प्रशासन के सिर्फ आश्वासनों पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे इससे भी बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।




