



Muzaffarpur News: धरती का सीना चीरकर अपनी जेबें भरने वालों पर जब कानून का चाबुक चलता है, तो बड़े-बड़े सूरमा भी मैदान छोड़कर भाग खड़े होते हैं। जिले में खनन माफियाओं के खिलाफ विभाग ने ऐसी ही एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिससे अवैध खनन के कारोबार में हड़कंप मच गया है।
Muzaffarpur News: खनन विभाग को मिली थी गुप्त सूचना
मुजफ्फरपुर जिले के बेनीबाद थाना क्षेत्र में खनन विभाग की टीम ने अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। विभाग को गुप्त सूत्रों से यह जानकारी मिली थी कि हरखौली गांव स्थित बागमती नदी के किनारे बड़े पैमाने पर अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर खनन निरीक्षक दानिश अहमद और हरिओम ओझा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया।
शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के दौरान, टीम ने पाया कि नदी किनारे से अवैध तरीके से मिट्टी निकालकर उसे हाइवा ट्रकों के जरिए दूसरी जगह भेजा जा रहा था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस illegal mining से सरकारी खजाने को करीब दस लाख रुपये का चूना लगाया गया है।
चालक ट्रक छोड़कर हुआ फरार
जैसे ही अधिकारियों की टीम ने मिट्टी से लदे दो हाइवा ट्रकों को रोका, तो उनमें से एक ट्रक का चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। अधिकारियों ने दोनों ट्रकों को तुरंत जब्त कर लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मामले में बेनीबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जिसकी पुष्टि थानाध्यक्ष साकेत कुमार शार्दूल ने की है। उन्होंने बताया कि केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
पावर ग्रिड में चल रहा था भराई का काम
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि हरखौली से निकाली गई इस मिट्टी को जारंग में निर्माणाधीन एक पावर ग्रिड में भराई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। खनन विभाग की इस औचक कार्रवाई के बाद पावर ग्रिड में मिट्टी भराई का काम फिलहाल रोक दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विभाग अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान करने में जुट गया है, ताकि इस अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचा जा सके।


