

मुजफ्फरपुर में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया गया है। शहर के प्रतिष्ठित एमआईटी में छात्रों के लिए एक हाईटेक हॉस्टल बनने जा रहा है, जिसकी लागत जानकर आप भी चौंक जाएंगे। आखिर क्या है यह पूरा प्लान और कैसे बदलेगी इससे छात्रों की जिंदगी, आइए जानते हैं…
मुजफ्फरपुर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधाएँ प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। संस्थान में 200 बेड वाले एक अत्याधुनिक छात्रावास के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस परियोजना के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है, जिससे निर्माण कार्य जल्द ही गति पकड़ेगा और छात्रों को इसका लाभ मिल सकेगा।
जानकारी के अनुसार, इस विशालकाय छात्रावास के निर्माण पर कुल 42.45 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह राशि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। नए हॉस्टल के बनने से दूरदराज से आने वाले छात्रों को खासी राहत मिलेगी और उन्हें पढ़ाई के लिए एक सुरक्षित व आरामदायक माहौल मिल पाएगा।
छात्रों को मिलेगी आधुनिक सुविधाएँ
एमआईटी परिसर में बनने वाला यह नया हॉस्टल छात्रों की विभिन्न जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया जाएगा। इसमें न केवल पर्याप्त संख्या में कमरे होंगे, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस कॉमन रूम, मेस, अध्ययन कक्ष और मनोरंजन की सुविधाएँ भी होंगी। इससे छात्रों को अकादमिक और व्यक्तिगत विकास दोनों में मदद मिलेगी। हॉस्टल में बिजली, पानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे, जिससे छात्रों का अनुभव और बेहतर हो सके।
वर्तमान में, कई छात्रों को संस्थान के बाहर आवास ढूंढने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नए 200 बेड के हॉस्टल से यह समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी, जिससे छात्र अपनी ऊर्जा पढ़ाई पर अधिक केंद्रित कर पाएंगे। यह परियोजना संस्थान की क्षमता को भी बढ़ाएगी और अधिक छात्रों को आकर्षित करने में सहायक होगी, जिससे एमआईटी की प्रतिष्ठा में भी इजाफा होगा।
टेंडर प्रक्रिया और आगे की राह
संबंधित विभाग द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद, निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा और फिर भूमि पूजन के साथ ही निर्माण कार्य का शुभारंभ होगा। उम्मीद की जा रही है कि तय समय-सीमा के भीतर यह हॉस्टल बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे अगले शैक्षणिक सत्रों में छात्रों को इसका लाभ मिल सकेगा। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुसार हो।
यह कदम बिहार में तकनीकी शिक्षा के विस्तार और छात्रों को विश्व-स्तरीय सुविधाएँ प्रदान करने की सरकार की व्यापक योजना का हिस्सा है। एमआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में सुविधाओं का उन्नयन छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अनुभव प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह परियोजना राज्य में उच्च शिक्षा के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।



