
Muzaffarpur Police Shooting: खाकी पर जब खून के छींटे लगते हैं, तो सवाल सीधा सिस्टम की कार्यशैली पर उठता है। मुजफ्फरपुर में भी आधी रात को कुछ ऐसा ही हुआ, जहां पुलिस की एक गोली ने पूरे गांव में तनाव का बारूद बिछा दिया। यह घटना गायघाट थाना क्षेत्र के चोरनियां गांव की है, जहां एक आरोपी को पकड़ने गई पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प ने 55 वर्षीय जगतवीर राय की जान ले ली।
Muzaffarpur Police Shooting: ग्रामीणों के आक्रोश के आगे घंटों बेबस रही पुलिस
बुधवार की सुबह चोरनियां गांव के लिए तनाव की चादर ओढ़े हुए आई। पुलिस की गोली से हुई जगतवीर राय की मौत के बाद माहौल बेहद गमगीन और आक्रोशित था। मृतक के परिजन आरोपी थाना प्रभारी राजा सिंह की तत्काल बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर, एसडीपीओ पूर्वी-1 अलय वत्स और एसडीपीओ पूर्वी-2 मनोज कुमार सिंह समेत कई वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्हें भी ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। करीब पांच घंटे की भारी मशक्कत और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद ही दोपहर एक बजे शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एसकेएमसीएच भेजा जा सका। इस पूरे पुलिस गोलीकांड ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आधी रात को ऐसा क्या हुआ कि बिगड़ गए हालात?
यह पूरा विवाद मंगलवार की आधी रात को शुरू हुआ। थानाध्यक्ष राजा सिंह पुलिस बल के साथ पॉक्सो एक्ट के एक आरोपी को गिरफ्तार करने चोरनियां गांव पहुंचे थे। पुलिस जैसे ही आरोपी को हिरासत में लेने लगी, ग्रामीणों ने इसका पुरजोर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह विरोध हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी दौरान थाना प्रभारी की पिस्टल से गोली चल गई, जो सीधे जगतवीर राय के सीने में जा लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, पुलिस का कहना है कि उनकी टीम पर सुनियोजित और जानलेवा हमला किया गया, जिसमें उनके वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
थाना प्रभारी लाइन हाजिर, एसएसपी ने दिए जांच के आदेश
घटना की भयावहता और ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की है। ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने जानकारी दी कि आरोपी थाना प्रभारी राजा सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस टीम न्यायालय के आदेश का पालन करने गई थी, लेकिन उन पर हमला किया गया। उन्होंने आश्वासन दिया है कि परिजनों के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल, गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और फ्लैग मार्च किया जा रहा है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


