
Muzaffarpur Railway Station: विश्वासघात की बिसात पर बिछी ठगी की नई चाल, जहां हर यात्री एक मोहरा है और हर स्टेशन एक रणभूमि। दिल्ली जाने की चाह में एक यात्री ने गंवा दिए 50 हजार रुपये, गिरोह का एक सदस्य गिरफ्तार।
बिहार के मुजफ्फरपुर रेलवे जंक्शन पर यात्रियों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया है। प्लेटफार्म संख्या दो-तीन पर गरीबरथ का इंतजार कर रहे मधुबनी जिले के कलुआही निवासी विकास कुमार नामक एक यात्री को ठगों ने अपना निशाना बनाया। शातिर ठगों ने बड़ी चतुराई से उनसे 50 हजार रुपये की ठगी कर ली। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर सक्रिय ठग गिरोहों की कार्यप्रणाली को उजागर किया है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पीड़ित विकास कुमार ने इस संबंध में रेल थाना मुजफ्फरपुर में औराई के अतरात के बड़ा खुर्द निवासी दो सगे भाइयों, मो. शहनवाज और मो. अकरम के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी मो. शहनवाज को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जबकि दूसरे मुख्य आरोपी मो. अकरम की गिरफ्तारी के लिए औराई पुलिस की सहायता से सघन छापेमारी जारी है।
Muzaffarpur Railway Station: ठगी का सक्रिय गिरोह
यह कोई पहली घटना नहीं है जब मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के साथ ठगी हुई हो। यहां ठगों का एक संगठित गिरोह बेहद सक्रिय है। बार-बार गिरफ्तारियां होने के बावजूद, ये शातिर अपराधी लगातार रेल यात्रियों को अपना शिकार बनाते रहते हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगता है। यात्रियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि इन रेलवे धोखाधड़ी से बचने का सर्वोत्तम उपाय सावधानी ही है।
पैसा दोगुना करने के झांसे में फंसा यात्री
पुलिस को दिए बयान के अनुसार, विकास कुमार को गरीबरथ एक्सप्रेस से दिल्ली जाना था। वह शाम के समय प्लेटफार्म दो पर पहुंचे। इसी दौरान दो युवक उनके पास आए और बातों ही बातों में मेलजोल बढ़ाना शुरू कर दिया। उन्होंने विकास को पैसा दोगुना करने की एक लुभावनी योजना बताई। इन शातिरों के मीठे झांसे में आकर विकास उनके बहकावे में आ गए।
ठगों के कहने पर, विकास सर्कुलेटिंग एरिया स्थित एक एटीएम में गए और 10-10 हजार रुपये करके पांच बार में कुल 50 हजार रुपये निकाले। पैसे निकालने के बाद वे फिर शातिरों के पास पहुंचे। ठगों ने पहले विकास से पूरे 50 हजार रुपये ले लिए और फिर उन्हें एक कागज और रूमाल में लिपटा हुआ एक बंडल थमा दिया। उस बंडल के ऊपर पांच सौ रुपये का एक नोट लगा हुआ था ताकि वह असली दिखे।
रुपयों के नाम पर कागज का बंडल
कागज का बंडल थमाने के तुरंत बाद दोनों ठग मौके से फरार हो गए। विकास ने जैसे ही उस बंडल को खोलकर देखा, वह सन्न रह गए। पूरी तरह से जांच करने पर पता चला कि बंडल में केवल दो नोट (एक ऊपर, एक नीचे) लगाकर बीच में नोट के आकार के कागज के टुकड़े भरे हुए थे। ठगी का शिकार होने के बाद विकास ने काफी देर तक ठगों की तलाश की, लेकिन वे कहीं नहीं मिले।
इसके बाद पीड़ित यात्री ने आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) और रेल पुलिस में जाकर शिकायत दर्ज कराई। आरपीएफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला, जिसमें दोनों शातिर ठगों को चिह्नित कर लिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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सीसीटीवी से खुली ठगों की पोल
सीसीटीवी फुटेज की गहन निगरानी के दौरान, रात लगभग आठ बजे प्लेटफार्म संख्या तीन पर संदिग्ध युवकों में से एक को फिर से देखा गया। आरपीएफ और रेल पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विकास के साथ जाकर उस युवक को प्लेटफार्म पर ही पकड़ लिया। विकास ने उसकी तुरंत पहचान कर ली और उसके तथा उसके भाई के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
गिरफ्तार आरोपी शहनवाज के पास से पुलिस ने 15 सौ रुपये नकद और रूमाल में लिपटा हुआ वही कागज का बंडल बरामद किया, जिसे विकास को थमाया गया था। पुलिस ने इन सभी सामानों को जब्त कर लिया है।
रेलवे जंक्शन पर सक्रिय अन्य गिरोह
यह उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरपुर रेलवे जंक्शन और उसके आसपास सिर्फ ठगों का ही नहीं, बल्कि बैग चोरों और पॉकेटमारों का भी एक सक्रिय गिरोह मंडराता रहता है। ये गिरोह भोले-भाले यात्रियों को लगातार अपना शिकार बनाते रहते हैं। जीआरपी (सरकारी रेलवे पुलिस) जब एक अपराधी को गिरफ्तार कर जेल भेजती है, तो गिरोह के अन्य सदस्य तुरंत सक्रिय हो जाते हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




