

मुजफ्फरपुर न्यूज़: बिहार के मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल से एक बड़ा फरमान जारी हुआ है, जिसने वहां के चिकित्सकों और स्टाफ में हलचल मचा दी है। अब अस्पताल परिसर में बिना यूनिफॉर्म के दिखना महंगा पड़ सकता है, क्योंकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। यह आदेश स्पष्ट करता है कि अस्पताल में सभी को एकरूपता और पेशेवर पहचान बनाए रखनी होगी।
सख्त हुआ अस्पताल प्रशासन का रुख
सदर अस्पताल मुजफ्फरपुर के प्रबंधन ने यह सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है कि अस्पताल में अनुशासन और पहचान बनी रहे। नए निर्देशों के अनुसार, अब अस्पताल के सभी डॉक्टर और पारामेडिकल स्टाफ को अपनी ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से निर्धारित ड्रेस कोड में रहना होगा। यह कदम अस्पताल के माहौल को और अधिक पेशेवर बनाने और मरीजों तथा उनके परिजनों के बीच डॉक्टरों व स्टाफ की पहचान को स्पष्ट करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नियमों की अनदेखी पर होगी कड़ी कार्रवाई
अस्पताल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस नए नियम का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई भी चिकित्सक या पारामेडिकल स्टाफ इस अनिवार्य ड्रेस कोड का पालन करते हुए नहीं पाया जाता है, तो उस पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस फरमान को लागू करने के पीछे अस्पताल में एक व्यवस्थित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना और सेवा की गुणवत्ता में सुधार लाना भी एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है।




