

Muzaffarpur News: खाकी पर जब घूसखोरी का दाग लगता है, तो वर्दी की इज्जत तार-तार हो जाती है। मुजफ्फरपुर में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां न्याय का एक रखवाला ही रिश्वत के जाल में फंस गया।
Muzaffarpur News: सदर थाने में तैनात 2019 बैच के सब-इंस्पेक्टर भास्कर कुमार मिश्रा को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों दबोच लिया। यह गिरफ्तारी बुधवार को थाना परिसर के ठीक बाहर स्थित एक चाय की दुकान से की गई, जिससे पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। आरोपी दरोगा एक अपहरण के मामले में केस डायरी को कमजोर करने और आरोपी को सहूलियत देने के एवज में यह रकम ले रहे थे।
Muzaffarpur News: केस डायरी बदलने के नाम पर मांगी थी मोटी रकम
जानकारी के अनुसार, सदर थाना क्षेत्र में दर्ज एक बच्चे के अपहरण मामले में भास्कर कुमार मिश्रा अनुसंधानकर्ता (IO) थे। मामले के वादी अमन कुमार ने बताया कि इस केस में उनके भाई का नाम संदिग्ध के तौर पर आया था। दरोगा मिश्रा ने केस डायरी से नाम हटाने और मामले को कमजोर करने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की थी। काफी मोलभाव के बाद सौदा 30 हजार रुपये में तय हुआ, जिसे दो किस्तों में दिया जाना था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अमन कुमार घूस नहीं देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने पटना जाकर सीधे निगरानी विभाग में इसकी लिखित शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने अपने स्तर पर इसका सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की बात सही पाई गई। यह पूरा देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें रिश्वतखोरी का मामला सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
निगरानी ने कैसे बिछाया जाल
सत्यापन के बाद निगरानी विभाग ने दरोगा को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाया। तय योजना के मुताबिक, अमन कुमार रिश्वत की पहली किस्त के 15 हजार रुपये लेकर बुधवार को सदर थाना पहुंचे। जैसे ही वे वहां पहुंचे, सादे लिबास में निगरानी की टीम भी आसपास तैनात हो गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दरोगा भास्कर मिश्रा ने अमन को थाने के बगल वाली चाय की दुकान पर बुलाया। जैसे ही दरोगा ने अमन के हाथ से पैसे लेकर अपनी जेब में रखे, पहले से घात लगाए बैठी टीम ने उन्हें तुरंत दबोच लिया।
निगरानी डीएसपी संजय कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि सब-इंस्पेक्टर भास्कर कुमार मिश्रा को रंगेहाथ पकड़ा गया है और उनके पास से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई है। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी दरोगा को अपने साथ पटना ले गई है, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


