

Muzaffarpur Crime: मुजफ्फरपुर में अपराध का साया कुछ ऐसा गहराया है कि दिनदहाड़े गोलियां चल रही हैं, और सवाल पुलिस की निष्क्रियता पर उठ रहे हैं। छह साल बाद एक बार फिर स्टैंड के वर्चस्व की जंग में गोली चली, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
Muzaffarpur Crime: मुजफ्फरपुर में स्टैंड वर्चस्व की जंग, दिनदहाड़े चली गोली, एक घायल
मंगलवार को अहियापुर के जीरोमाइल, दरभंगा रोड पर स्टैंड के वर्चस्व को लेकर हुए विवाद में दिनदहाड़े गोलीबारी की घटना हुई। बदमाशों ने स्टैंड इंचार्ज लक्ष्मी राय को निशाना बनाते हुए गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए और आनन-फानन में लक्ष्मी राय को बैरिया स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एसडीपीओ टू विनीता सिन्हा ने तुरंत घटनास्थल का मुआयना किया और अस्पताल जाकर घायल लक्ष्मी राय से घटना की जानकारी ली। एसडीपीओ टू ने बताया कि लक्ष्मी राय के खिलाफ अहियापुर थाने में पहले से ही छह से अधिक मामले दर्ज हैं। यह घटना भी वर्चस्व की लड़ाई का ही परिणाम है। उन्होंने पीड़ित का बयान दर्ज करने और उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
जीरोमाइल पर बढ़ता Muzaffarpur Crime: पुलिस की चुनौतियां
घायल लक्ष्मी राय ने पुलिस को दिए बयान में मुकेश राय और उसके सहयोगियों पर गोली चलाने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि गोली उनके कंधे को छूकर निकल गई। चौंकाने वाली बात यह है कि लक्ष्मी और मुकेश आपस में मामा-भांजे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जीरोमाइल जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में सरेआम गोली चलना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अहियापुर थाने की गश्ती गाड़ियां अक्सर इस रास्ते से गुजरती हैं, फिर भी ऐसे अपराधों पर लगाम नहीं लग पा रही है। यहां ऑटो और बस के संचालन को लेकर अक्सर विवाद होते रहते हैं।
अतिक्रमण की आड़ में रोजाना 50 हजार रुपये से अधिक की अवैध वसूली होती है। लक्ष्मी राय दरभंगा रोड पर चलने वाली निजी बसों के इंचार्ज होने के साथ-साथ ऑटो स्टैंड भी संचालित करते हैं। दुर्गापूजा से पहले भी पुलिस ने उन्हें अवैध वसूली के मामले में जेल भेजा था। हाल ही में उन पर एक ऑटो चालक से रंगदारी वसूली का नया मामला भी दर्ज हुआ है। वह पूर्व में उत्पाद अधिनियम के तहत भी जेल जा चुके हैं। आरोपित मुकेश राय भी बस और टेंपो इंचार्ज है और उसके खिलाफ भी अहियापुर थाने में रंगदारी सहित कई मामले दर्ज हैं।
मामा-भांजे के बीच वर्चस्व की लड़ाई
जीरोमाइल गोलंबर, बैरिया बस स्टैंड के बाद यात्रियों के लिए एक बड़ा केंद्र बन गया है। यहां बसों में यात्रियों को बैठाने और ऑटो के संचालन को लेकर लगातार विवाद होते रहते हैं। ट्रैफिक सिग्नल लगने के बावजूद दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर और पटना रोड पर यात्रियों को बैठाने के मुद्दे पर अक्सर विवाद गहराता है, जिसके कारण कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना घटित हो सकती है। अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद जीरोमाइल गोलंबर पर यात्री बैठाने को लेकर बस और ऑटो इंचार्जों की मनमानी पर पुलिस लगाम लगाने में विफल रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब तो यहां लोगों ने रस्सी बांधकर सड़क तक कब्जा कर रखा है, जिससे ट्रैफिक और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
जीरोमाइल: अपराध का नया केंद्र?
वर्ष 2019 में बैरिया बस स्टैंड पर वर्चस्व की लड़ाई के चलते कुंदन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के छह साल बाद एक बार फिर इसी तरह की घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। यह दिखाता है कि स्टैंड के वर्चस्व की लड़ाई कितनी खतरनाक हो सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस को इस दिशा में और अधिक सक्रियता दिखानी होगी ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें




