back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 18, 2026
spot_img

मंदिरों का ‘कचरा’ अब बनेगा मुजफ्फरपुर की पहचान, निगम ने उठाया ये बड़ा कदम!

spot_img
- Advertisement - Advertisement

मुजफ्फरपुर न्यूज़: मंदिरों में अर्पित होने वाली पूजन सामग्री, खासकर सूखे फूल, अक्सर कचरा बन कर पर्यावरण के लिए चुनौती खड़ी करते हैं. लेकिन अब मुजफ्फरपुर नगर निगम एक ऐसी अभिनव पहल की दिशा में कदम बढ़ा रहा है, जिससे यही ‘अनुपयोगी’ सामग्री शहर के लिए आय और स्वच्छता का नया स्रोत बनेगी. आखिर क्या है यह खास योजना और कैसे बदलेगी यह शहर की तस्वीर?

- Advertisement -

पवित्र मंदिरों में हर दिन लाखों की संख्या में फूल, पत्तियां और अन्य धार्मिक वस्तुएं अर्पित की जाती हैं. ये सामग्री जहां एक ओर आस्था का प्रतीक होती हैं, वहीं दूसरी ओर इनके निस्तारण की समस्या शहरों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. पारंपरिक तरीकों से इनका निपटान न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि लैंडफिल साइट्स पर भी अनावश्यक बोझ बढ़ाता है. इसी समस्या का समाधान खोजने के लिए मुजफ्फरपुर नगर निगम ने एक अनोखी पहल करने का फैसला किया है.

- Advertisement -

मंदिर के कचरे से समृद्धि की राह

नगर निगम अब इन सूखे फूलों और मंदिर से निकलने वाले अन्य कचरे का सदुपयोग करने की योजना बना रहा है. इस योजना के तहत इन अनुपयोगी वस्तुओं से अगरबत्ती, धूप और अन्य उपयोगी उत्पाद बनाए जाएंगे. यह न केवल कचरे के पहाड़ों को कम करेगा, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे. इस नवाचार से शहर को स्वच्छ रखने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी मजबूती मिलेगी.

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Muzaffarpur News: चाय की दुकान पर घूसखोर दारोग़ाजी... ई का...15 हजार में बेच दी वर्दी की इज्जत... घूस लेते दरोगा जी रंगेहाथ गिरफ्तार... पढ़िए मिश्रा का मोलभाव

उज्जैन मॉडल से सीखेगा मुजफ्फरपुर

इस अभिनव परियोजना को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए मुजफ्फरपुर नगर निगम एक ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है. इस प्रक्रिया को सीखने और समझने के लिए निगम की एक सात सदस्यीय टीम को धार्मिक नगरी उज्जैन भेजा जाएगा. उज्जैन ने मंदिर के कचरे को पुनर्चक्रित कर उपयोगी उत्पाद बनाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है और वहां यह मॉडल सफलतापूर्वक काम कर रहा है.

कैसे काम करेगी टीम?

  • मुजफ्फरपुर नगर निगम की यह सात सदस्यीय टीम सिटी मैनेजर के नेतृत्व में उज्जैन का दौरा करेगी.
  • टीम वहां मंदिर के कचरे से अगरबत्ती और अन्य उत्पाद बनाने की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से अध्ययन करेगी.
  • वे कचरा संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण (processing) और अंतिम उत्पाद निर्माण तक की सभी तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं को समझेंगे.
  • उज्जैन के सफल मॉडल का अध्ययन करने के बाद, यह टीम मुजफ्फरपुर में इस परियोजना को लागू करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगी.
यह भी पढ़ें:  Muzaffarpur Crime: जीरोमाइल, दरभंगा रोड पर स्टैंड के वर्चस्व की जंग, दिनदहाड़े चली गोली, एक जख्मी, पढ़िए दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर और पटना रोड पर ट्रैफिक सिग्नल और हुकूमत

क्या है इस पहल का लक्ष्य?

इस पहल का मुख्य लक्ष्य मुजफ्फरपुर में मंदिर अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक स्थायी और प्रभावी मॉडल स्थापित करना है. इससे न केवल पर्यावरणीय स्वच्छता सुनिश्चित होगी, बल्कि मंदिरों से निकलने वाले कचरे को एक मूल्यवान संसाधन में बदला जा सकेगा. यह कदम शहर को ‘स्वच्छ भारत’ अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति करने में मदद करेगा और अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा.

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Stock Market: सिगरेट कंपनियों के शेयरों में आया बंपर उछाल, निवेशकों की चांदी!

Stock Market: हाल ही में सिगरेट कंपनियों, खासकर आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों...

एआई समिट में ‘Robot Dog’ Orion और Unitree Go2 विवाद का पूरा सच

Robot Dog: हाल ही में एआई और टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक दिलचस्प विवाद...

Akshay Kumar: जब खिलाड़ी कुमार ने आरजे महवश को दे डाली अपनी किडनी देने की पेशकश, वीडियो हुआ वायरल!

Akshay Kumar News: अरे बाप रे! बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार अक्षय कुमार ने आरजे...

UP School Holidays 2026: होली पर स्कूलों की छुट्टी को लेकर बड़ा अपडेट!

UP School Holidays 2026: उत्तर प्रदेश में होली 2026 के अवसर पर स्कूलों की...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें