
Samrat Choudhary Cabinet: बिहार की राजनीति में निषाद समाज का चेहरा मानी जाने वालीं औराई विधायक रमा निषाद को एक बार फिर नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में जगह मिली है। यह उनकी राजनीतिक पकड़ और सामाजिक समीकरण साधने की भाजपा की रणनीति का नतीजा माना जा रहा है। पिछली सरकार में भी उन्होंने पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की जिम्मेदारी संभाली थी।
मुजफ्फरपुर: बिहार की राजनीति में औराई से विधायक रमा निषाद का कद एक बार फिर बढ़ गया है। उन्हें Samrat Choudhary Cabinet में दूसरी बार मंत्री बनाया गया है। वह बिहार में भाजपा के प्रमुख निषाद चेहरों में गिनी जाती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निषाद समाज में उनकी गहरी पकड़ और अति पिछड़ा वर्ग के बीच मजबूत जनाधार के कारण ही पार्टी ने उन पर दोबारा भरोसा जताया है।
रमा निषाद का राजनीतिक परिवार से गहरा नाता
रमा निषाद का संबंध बिहार के एक ऐसे राजनीतिक परिवार से है, जिसका निषाद समाज पर गहरा प्रभाव रहा है। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री और कद्दावर निषाद नेता कैप्टन जयनारायण निषाद की बहू हैं। वहीं, मुजफ्फरपुर के पूर्व सांसद अजय निषाद उनके पति हैं। एक लंबे समय से राजनीतिक माहौल में सक्रिय रहने के कारण उन्हें संगठन और जनसंपर्क का अच्छा अनुभव है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह पारिवारिक पृष्ठभूमि ही उनकी राजनीतिक ताकत का आधार है।
हाजीपुर से शुरू हुआ राजनीतिक सफर, लोकसभा चुनाव के बाद मिला मंत्री पद
रमा निषाद ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत हाजीपुर नगर परिषद की राजनीति से की थी, जहां वह सभापति भी रह चुकी हैं। स्थानीय राजनीति में अपनी सक्रियता से उन्होंने एक अलग पहचान बनाई। हालांकि, वर्ष 2023 में उन्हें वार्ड पार्षद चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था, जिसे उनके राजनीतिक जीवन का एक झटका माना गया था।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा द्वारा मुजफ्फरपुर सीट से उनके पति अजय निषाद का टिकट काटे जाने के बाद, परिवार की राजनीतिक स्थिति कमजोर मानी जा रही थी। अजय निषाद ने तब कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार मिली। हालांकि, करीब एक साल के राजनीतिक संघर्ष के बाद विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अजय निषाद की भाजपा में वापसी हो गई।
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Rama Nishad Cabinet में बढ़ती अहमियत
विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें फिर से बिहार मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग की राजनीति में उनकी स्वीकार्यता को भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, Nishad Community और अति पिछड़ा वर्ग के बीच मजबूत जनाधार होने के कारण पार्टी उन्हें लंबे समय तक बड़ी भूमिका में रख सकती है।
चुनावी हलफनामे के अनुसार, रमा निषाद इंटरमीडिएट तक शिक्षित हैं। उनके खिलाफ किसी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, जो उनकी साफ-सुथरी छवि को दर्शाता है। संपत्ति की बात करें तो उनके पास करीब पौने चार करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति है। औराई विधानसभा क्षेत्र में रमा निषाद की सक्रियता और जनसंपर्क अभियान ने उन्हें क्षेत्र की प्रभावशाली नेता बना दिया है। मंत्री बनने के बाद समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
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भाजपा ने वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में रमा निषाद को औराई सीट से उम्मीदवार बनाया। पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ते हुए उन्होंने बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने जिले की 11 विधानसभा सीटों में सबसे अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल कर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की। इस शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें दोबारा Samrat Choudhary Cabinet में शामिल किया गया, जो निषाद समाज में उनकी स्वीकार्यता को दर्शाता है।
शिक्षा, साफ छवि और बढ़ती लोकप्रियता
चुनावी हलफनामे के अनुसार, रमा निषाद इंटरमीडिएट तक शिक्षित हैं और उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उनकी संपत्ति लगभग पौने चार करोड़ रुपये की है। औराई विधानसभा क्षेत्र में उनकी सक्रियता और जनसंपर्क अभियान ने उन्हें क्षेत्र की एक प्रभावशाली नेता बना दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। मंत्री बनने के बाद समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निषाद समाज और अति पिछड़ा वर्ग के बीच मजबूत जनाधार होने के कारण पार्टी उन्हें लंबे समय तक बड़ी भूमिका में रख सकती है।
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