

Muzaffarpur SKMCH: कल्पना कीजिए, एक ऐसा अस्पताल जहाँ मरीज उम्मीद लेकर आते हैं, और उन्हें सिर्फ बदहाली मिलती है। मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में यही कहानी सालों से दोहराई जा रही थी, लेकिन अब प्रशासनिक चाबुक चलने को तैयार है। मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) की बदहाल व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है। मरीज और उनके परिजन रोज यहाँ की लचर कार्यप्रणाली से जूझते रहते हैं, लेकिन अब इस पर लगाम लगाने की तैयारी है। गुरुवार रात प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह के औचक निरीक्षण ने अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर कर दिया है। आयुक्त ने इमरजेंसी, ऑर्थो और मेडिसिन समेत अन्य विभागों में फैली अव्यवस्था और खामियों पर अस्पताल अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई।
Muzaffarpur SKMCH: उपस्थिति पंजी से लेकर सफाई तक में भारी अनियमितता
आयुक्त के निरीक्षण में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति में भारी अनियमितता पकड़ी गई। अक्टूबर से जनवरी तक की अवधि में कई चिकित्सकों की हाजिरी मनमाने ढंग से बनाई गई थी, जो यह दर्शाता है कि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अस्पताल में जवाबदेही की कितनी कमी है। इतना ही नहीं, इंचार्ज सिस्टर भी अपनी मर्जी से हाजिरी लगाती पाई गईं। यह स्थिति अस्पताल की मूलभूत स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आयुक्त ने यह भी पाया कि उपस्थिति पंजी की बिना गहन जांच किए ही अधीक्षक द्वारा चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मियों का वेतन भुगतान किया जा रहा है।
सफाई और सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही आउटसोर्सिंग कंपनी का काम भी संतोषजनक नहीं मिला, बावजूद इसके उन्हें मोटी रकम का भुगतान किया जा रहा है। कार्य में लापरवाही बरतने वाली इन एजेंसियों पर अधीक्षक स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे उनके हौसले बुलंद हैं। कैजुअल्टी रजिस्ट्रार डॉ. सुनील कुमार की नियुक्ति के बावजूद इमरजेंसी व्यवस्था बदहाल है। यहां तक कि हेल्थ मैनेजर समेत अन्य कर्मचारी भी अपने दायित्वों का निर्वहन ठीक से नहीं कर रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
लापरवाह अधिकारियों को सख्त हिदायत और कार्रवाई की चेतावनी
निरीक्षण के बाद मिली इन गंभीर खामियों पर आयुक्त ने दो टूक कहा कि यहां अधीक्षक स्तर के पदाधिकारी घोर लापरवाह हैं। उन्होंने इस बदहाल व्यवस्था को अविलंब सुधारने का निर्देश दिया, चेतावनी दी कि अन्यथा कठोर कार्रवाई तय है। आयुक्त ने एसकेएमसीएच की अधीक्षक सह प्राचार्य डॉ. आभा रानी सिन्हा, उपाधीक्षक डॉ. गोपाल शंकर सहनी और डॉ. सतीश कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वाहण पूरी जवाबदेही और ईमानदारी से करने को कहा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। आयुक्त ने यह भी बताया कि एसकेएमसीएच से जब्त किए गए रजिस्टरों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि और भी अनियमितताओं का खुलासा हो सके। यह जांच अस्पताल की प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं की जड़ तक पहुंचने का प्रयास है। इस पूरे मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

