

मुजफ्फरपुर न्यूज़: बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्करों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन मुजफ्फरपुर में पुलिस ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। देर रात हुई एक कार्रवाई में तीन कारों से 22 लाख रुपये की अवैध शराब जब्त की गई और तीन तस्करों को भी धर दबोचा गया। जानिए, कैसे पुलिस ने इस बड़ी खेप को पकड़ा और तस्करों के नेटवर्क पर शिकंजा कसा।
मुजफ्फरपुर पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। जिले में गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में तीन लग्जरी कारों से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब बरामद की गई है। इस कार्रवाई में मौके से तीन शराब तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
बड़ी कार्रवाई का ब्यौरा
पुलिस को मुखबिरों से सूचना मिली थी कि शराब की एक बड़ी खेप पड़ोसी राज्यों से मुजफ्फरपुर होते हुए बिहार के अन्य हिस्सों में पहुंचाई जाने वाली है। इस जानकारी पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने जिले के प्रमुख रास्तों और संदिग्ध ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी। देर रात, जब तीन संदिग्ध कारें एक साथ गुजर रही थीं, तो पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का इशारा किया।
पुलिस को देख कर तस्करों ने गाड़ियों को भगाने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने घेराबंदी कर तीनों कारों को रोक लिया। गाड़ियों की तलाशी के दौरान, पुलिस को डिब्बों में बंद भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब मिली। जब्त की गई शराब की बाजार कीमत लगभग 22 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने तुरंत शराब की खेप को जब्त कर लिया और तीनों कारों को भी कब्जे में ले लिया।
जब्त शराब और गिरफ्तार आरोपी
- जब्त की गई शराब: लगभग 22 लाख रुपये मूल्य की अवैध विदेशी शराब।
- वाहन: शराब तस्करी में इस्तेमाल की जा रही तीन कारें जब्त।
- गिरफ्तार: मौके से तीन शराब तस्कर गिरफ्तार।
गिरफ्तार किए गए तीनों तस्करों से पुलिस गहनता से पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि इन तस्करों के पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जो बिहार में शराबबंदी के बावजूद लगातार शराब की तस्करी कर रहा है। पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी करेगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।





