
Nalanda Child Assault: बिहार के नालंदा में इंसानियत उस दहलीज पर पहुंच गई है, जहां से मानवता की सारी परिभाषाएं धराशायी हो जाती हैं। एक मासूम फूल को शैतानी हाथों ने रौंद डाला है, जिसकी चीखें समाज के हर संवेदनशील व्यक्ति के कानों में गूंज रही हैं।
Nalanda Child Assault: मासूमियत पर दरिंदों का कहर, 5 साल के बच्चे से अप्राकृतिक यौनाचार
Nalanda Child Assault: बिहार के नालंदा जिले में एक ऐसी जघन्य वारदात सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। सरमेरा थाना क्षेत्र के एक गांव में महज पांच साल के एक मासूम बच्चे के साथ बिस्कुट और चॉकलेट का लालच देकर अप्राकृतिक यौनाचार किया गया। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पीड़ित बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी जिंदगी और मौत के बीच जंग जारी है। यह वारदात गुरुवार शाम की है, जिसके बाद से पूरे गांव में आक्रोश और भय का माहौल व्याप्त है।
इस वीभत्स घटना का खुलासा तब हुआ जब बच्चे की मां ने पुलिस को अपना बयान दिया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार की शाम उनका बेटा घर के पास ही खेल रहा था और अचानक कहीं गायब हो गया। इसी दौरान जब वह खेत की ओर शौच के लिए जा रही थीं, तो उन्हें एक बच्चे के रोने की करुण आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में दौड़ते हुए पहुंचने पर जो दृश्य उन्होंने देखा, वह किसी भी मां के लिए जीवन भर का सदमा था। उनका मासूम बेटा खून से लथपथ जमीन पर पड़ा रो रहा था।
यह देखकर मां बुरी तरह सहम गईं और उन्होंने बिना देर किए बच्चे को गांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए बिहारशरीफ स्थित एक उच्च स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया गया, जहां वह अब भी डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
नालंदा चाइल्ड असॉल्ट: पुलिस कार्रवाई और आगे की चुनौतियां
अस्पताल में बच्चे की हालत में थोड़ा सुधार होने के बाद उसने अपनी मां को इस पूरी दरिंदगी की दास्तां सुनाई। बच्चे के बयान के अनुसार, गांव का ही एक करीब 20 वर्षीय युवक उसे बिस्कुट और चॉकलेट दिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। आरोपी ने बच्चे को खेत में ले जाकर जबरन अप्राकृतिक यौनाचार किया। इस दौरान बच्चे को चुप रखने और शोर मचाने से रोकने के लिए आरोपी उसे लगातार बिस्कुट खिलाता रहा। जब बच्चा दर्द से तड़पकर तेज आवाज में रोने लगा, तो आरोपी उसे खून से सनी हालत में छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से फरार हो गया।
ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी गांव का ही रहने वाला है और खेती-बाड़ी का काम करता है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी का खुद का भी एक छोटा बच्चा है। इस तथ्य ने ग्रामीणों के गुस्से को और अधिक बढ़ा दिया है कि एक पिता होकर भी वह इतनी अमानवीयता कैसे दिखा सकता है। ग्रामीण अब अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता में हैं और इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ाने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे दानवों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हैवानियत करने की हिम्मत न कर सके। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज और प्रशासन दोनों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस पूरे मामले पर सरमेरा थानाध्यक्ष सकेंद्र कुमार बिंद ने अपनी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पीड़ित बच्चे और उसकी मां के विस्तृत बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस दल आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पूरी सक्रियता से जुट गया है और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। थानाध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि अपराधी को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और सभी आवश्यक सबूतों को जुटाने का प्रयास कर रही है, ताकि अदालत में एक मजबूत मामला पेश किया जा सके और दोषी को उसके किए की सख्त सजा मिल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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समाज पर गहराता संकट और जागरूकता की जरूरत
यह भयावह घटना एक बार फिर हमारे समाज के सामने मासूम बच्चों, विशेषकर छोटे बच्चों की सुरक्षा का गंभीर सवाल खड़ा करती है। मनोवैज्ञानिकों का मत है कि इस प्रकार की घटनाओं का बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य पर अत्यंत दीर्घकालिक और विनाशकारी दुष्प्रभाव पड़ सकता है। समाजसेवी संगठनों ने ऐसे घृणित अपराधों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और समाज में जागरूकता बढ़ाने की महती आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने माता-पिता से भी आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखें और उन्हें अजनबियों से सावधान रहने की सीख अवश्य दें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बच्चों की सुरक्षा हर घर की जिम्मेदारी है।
यह पूरा मामला अभी पुलिस जांच के दायरे में है। जिला प्रशासन ने भी इस गंभीर विषय का संज्ञान लेते हुए त्वरित और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। सभी की निगाहें अब पुलिस की गिरफ्तारी पर टिकी हुई हैं और इस बात पर भी कि इस असहनीय सदमे से गुजर रहे मासूम बच्चे को क्या न्याय मिल पाएगा और वह सामान्य जीवन में लौट पाएगा।


