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फ़रवरी, 10, 2026
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नालंदा का ‘मॉडल’ परिवार: एक ही घर के चार लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ, जानिए कैसे बदली किस्मत

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नालंदा न्यूज़: एक घर, चार सदस्य और सरकारी योजनाओं की झड़ी! नालंदा के एक गांव में एक परिवार ऐसा भी है जिसकी किस्मत सरकारी स्कीमों ने पूरी तरह बदल दी है. पेंशन से लेकर पढ़ाई तक, हर कदम पर मिली सरकारी मदद ने इस परिवार की कहानी को नई दिशा दी है.

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बिहार के नालंदा जिले का बदरवाली गांव इन दिनों एक खास वजह से चर्चा में है. यहां रहने वाली रूबी देवी का साधारण सा घर आज सरकारी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन की एक जीती-जागती मिसाल बन गया है. यह कहानी किसी एक योजना की नहीं, बल्कि कई योजनाओं के एक साथ मिलने वाले लाभ की है, जिसने एक पूरे परिवार के जीवन स्तर को बेहतर बना दिया है.

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एक छत के नीचे योजनाओं का संगम

रूबी देवी का परिवार आज आत्मनिर्भरता की राह पर है, जिसका श्रेय सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को जाता है. परिवार के अलग-अलग सदस्यों को उनकी जरूरत के हिसाब से सरकारी मदद मिली, जिससे घर की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई. इस परिवार को मिली प्रमुख योजनाओं में शामिल हैं:

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  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन: परिवार के जरूरतमंद सदस्य को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली यह योजना एक महत्वपूर्ण सहारा बनी.
  • दिव्यांग पेंशन: परिवार के दिव्यांग सदस्य को इस योजना के तहत वित्तीय सुरक्षा मिली, जिससे उनकी निर्भरता कम हुई.
  • महिला रोजगार योजना: इस योजना से मिली सहायता ने रूबी देवी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद की.
  • स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड: परिवार की बेटी को उच्च शिक्षा के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का लाभ मिला, जिससे उसकी पढ़ाई का रास्ता आसान हो गया.

योजनाओं के लाभ से आई आत्मनिर्भरता

इन योजनाओं के সম্মিলিত प्रभाव ने रूबी देवी के परिवार की जिंदगी बदल दी है. जहां एक ओर पेंशन योजनाओं ने घर में एक निश्चित आय सुनिश्चित की, वहीं महिला रोजगार योजना ने उन्हें खुद का काम करने का आत्मविश्वास दिया. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शिक्षा प्रोत्साहन योजनाओं और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड ने यह सुनिश्चित किया कि परिवार की अगली पीढ़ी आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे.

पहले जहां परिवार को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ता था, वहीं आज वे एक सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं. सरकारी मदद ने न केवल उनकी वित्तीय समस्याओं को हल किया है, बल्कि उन्हें एक नया आत्मविश्वास भी दिया है. रूबी देवी का परिवार इस बात का सटीक उदाहरण है कि कैसे सही समय पर और सही व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाकर जमीनी स्तर पर बड़ा बदलाव लाया जा सकता है.

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