
नवादा न्यूज़: क्या नवादा जिले में पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य समय पर पूरा हो पाएगा या ग्रामीण सुविधाओं के लिए अभी और इंतजार करना होगा? जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने हाल ही में निर्माणाधीन भवनों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कई कड़े निर्देश दिए हैं।
नवादा जिला पंचायत राज पदाधिकारी नवीन कुमार पांडेय ने हाल ही में जिले में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवनों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की धीमी गति पर गहरी चिंता व्यक्त की और सभी संबंधित पदाधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि वे कार्यों में अपेक्षित तेजी लाएं और गुणवत्ता से कोई समझौता न करें। यह समीक्षा बैठक ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
पदाधिकारी नवीन कुमार पांडेय ने बैठक के दौरान मिली जानकारी और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर पाया कि कई प्रखंडों में पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा से काफी पीछे चल रहा है। उन्होंने इस पर खुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की देरी से न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा आ रही है, बल्कि ग्रामीण जनता को मिलने वाली सुविधाओं में भी विलंब हो रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि पंचायत सरकार भवन ग्रामीण इलाकों में स्थानीय प्रशासन को मजबूत करने और जनता को एक ही छत के नीचे विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए जा रहे हैं। इन भवनों के बन जाने से ग्रामीणों को जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही, पंचायतों का कामकाज भी अधिक सुचारु और पारदर्शी तरीके से हो पाएगा।
गुणवत्ता और समय-सीमा पर कड़े निर्देश
समीक्षा बैठक के बाद जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए:
- सभी निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवनों का कार्य हर हाल में निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।
- निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं होगी।
- निर्माण स्थलों पर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए और प्रगति रिपोर्ट हर सप्ताह प्रस्तुत की जाए।
- कार्यों में तेजी लाने के लिए आवश्यक मानव संसाधन और सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- किसी भी प्रकार की समस्या या अड़चन आने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाए ताकि उनका समय रहते समाधान किया जा सके।
श्री पांडेय ने यह भी चेतावनी दी कि यदि इन निर्देशों का गंभीरता से पालन नहीं किया गया और तय समय पर काम पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित संवेदकों और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से टीम भावना के साथ काम करने और सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सफल बनाने का आह्वान किया। यह देखना होगा कि इन कड़े निर्देशों के बाद निर्माण कार्यों में कितनी तेजी आती है और नवादा के ग्रामीण कब तक इन भवनों का लाभ उठा पाते हैं।


