भद्दी-भद्दी गालियां सुनकर बेहोश हो गए नवादा के योजना पदाधिकारी संतोष कुमार। डॉक्टरों ने कहा-हे जान को खतरा। पत्नी बोली सुन लीजिए सीएम साहेब अगर मेरे पति को कुछ हुआ तो डीएम यशपाल मीणा होंगे जिम्मेदार। आखिर डीएम श्री मीणा इतने गुस्से में क्यों आ गए। आखिर संतोष कुमार की पत्नी प्रियंका कुमारी को योजना एवं विकास सचिव पटना तथा बिहार के मुख्यमंत्री को संदेश भेज कर अपने पति की प्राण की रक्षा की गुहार क्यों लगानी पड़ी है। पढ़िए पूरी खबर
नवादा के डीएम यशपाल मीणा बुरी तरह फंसते दिख रहे हैं। उनकी गालियों और प्रताड़ना से नवादा के जिला योजना पदाधिकारी संतोष कुमार बेहोश हो गए, जिन्हें मंगलवार को आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने तनाव के कारण ब्लड प्रेशर काफी बढ़ने की बात कह कर जान को खतरा बताया।
उन्हें हायर सेंटर में जांच के लिए रेफर कर दिया गया है। जिला योजना पदाधिकारी संतोष कुमार की पत्नी प्रियंका कुमारी ने योजना एवं विकास सचिव पटना तथा बिहार के मुख्यमंत्री को संदेश भेज कर अपने पति की प्राण की रक्षा की गुहार लगाई है।
उन्होंने बताया कि मेरे पति को डीएम यशपाल मीणा ने जाति पूछकर भद्दी-भद्दी गालियां दी। जिससे बिस्तर पर भर रात तनाव में छटपटाते रहे। कई बार उन्होंने आत्महत्या करने की बात कही ।जब मंगलवार को घर में बेहोश हो गए तो उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया।
इसके पहले भी डीएम उन्हें भद्दी गालियां दे चुके थे ।मन नौकरी छोड़ कर आत्महत्या की करने लगी। निवास जाने पर उनकी तबीयत और बिगड़ गई। कुछ घंटे बाद स्थिति थोड़ा सामान्य हुई। उन्हें कहा कि हम गालियां सुनकर नौकरी करने नहीं आए हैं। उन्होंने अपने घरेलू नौकर की तरह व्यवहार कर अपमानित किया है। इसके विरोध में हमने भी उच्चाधिकारियों को लिखा है।
योजना पदाधिकारी की पत्नी प्रियंका कुमारी ने कहा कि हम पति के इस अपमान व जानलेवा परिस्थितियों के विरुद्ध डीएम यशपाल मीणा के खिलाफ न्यायालय में भी मुकदमा दर्ज करेंगे। अगर मेरे पति को जान का खतरा होता है, तो इसके लिए जिला पदाधिकारी यशपाल मीणा जिम्मेदार होंगे। इस बात की जानकारी के लिए जब डीएम यशपाल मीणा को फोन किया गया तो उन्होंने फोन तक नहीं उठाया। डीएम के इस व्यवहार के कारण नवादा जिले के अधिकारियों में काफी रोष देखा जा रहा है।
वहीं, चिकित्सकों ने बताया कि इनका रक्तचाप 150 /110 हो गया है। इससे इनके जान को भी खतरा हो सकता है।योजना पदाधिकारी संतोष कुमार ने भी बताया कि सोमवार के 7:30 बजे शाम ऑफिस में बैठे थे कि डीएम ने गालियां देकर बात की। इससे भी काफी तनाव में आ गए।
सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ.अजय कुमार ने भी योजना पदाधिकारी की स्थिति गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि अगर इनका इलाज हायर सेंटर में नहीं कराया गया तो इनके जान को भी खतरा हो सकता है।







