नवादा में एक बड़ी कार्रवाई हुई है। पूर्व डीएम यशपाल मीणा ने जिन दलालों पर कभी शिकंजा कसना मुनासिब नहीं समझा, भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई नहीं करने की कभी इच्छाशक्ति नहीं दिखाई वह काम डीएम उदिता सिंह ने आते ही कर दिया। राजस्व कर्मचारी कार्यालय में भ्रष्टाचार की शिकायत पर डीएम ने छापेमारी के आदेश दिए।
इस पर एसडीओ उमेश भारती ने छापेमारी कर और मौके से दो दलालों को नकदी के साथ गिरफ्तार कर लिया। नवादा सदर अंचल के हल्का कर्मचारी मनोज कुमार के कार्यालय में एसडीएम उमेश कुमार भारती ने छापा मारा।
इस दौरान वहां से दो दलालों को गिरफ्तार किया गया। 27 हजार रुपये की बरामदगी भी हुई। कार्यालय में नाजायज़ वसूली की शिकायत के अलाेक में कार्रवाई की गई। गिरफ्तार दोनों दलालों को नगर थाना लाया गया है। जहां प्राथमिकी दर्ज कराने की कवायद की जा रही है।
गिरफ्तार दलालों में गोरे लाल और सतीश कुमार शामिल हैं। दोनों के बारे में बताया गया कि कई वर्षों से इस कार्यालय में राजस्व कर्मचारी के मुंशी का काम किया करते हैं। दोनों का काम अवैध वसूली करना था। बरामद रुपये किससे लिए गए और किस काम के लिए लिया गया था, यह साफ होना बाकी है।
पूछताछ में दोनो मुंशी समुचित जवाब नहीं दे सके। तय है, अवैध वसूली कर कार्यालय में गलत तरीके से कार्य किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान हल्का कर्मचारी अपने कार्यालय में नहीं थे।
जानकारी के अनुसार, लोगों की शिकायत के बाद डीएम के आदेश पर सदर एसडीएम ने टीम गठित कर छापेमारी की। टीम में सदर सीओ और नगर थाना की पुलिस शामिल थी। एसडीएम ने बताया कि लगातार शिकायत मिल रही थी कि हल्का कार्यालय में बगैर पैसे लिए कोई कार्य नहीं किया जाता है।
पैसा नही देने पर महीनों काम को लंबित रखा जाता है। इसी शिकायत के आलोक में छापेमारी की गई। एसडीएम किया है स्वीकारोक्ति भी अपने आप में दुर्भाग्यपूर्ण है। जब शिकायत मिल रही थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई । बिलम्ब क्यो हुई। यह सवाल पर अधिकारी निरुत्तर दिखते हैं।
फिलहाल दोनों तथाकथित मुंशी को गिरफ्तार कर पुलिस अपने साथ नगर थाना ले आई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अन्य राजस्व कर्मियों में हड़कंप है। हालांकि जिले के सभी हल्का कर्मचारी 12 ना जाए लिपिक रखते हैं जो रसीद काटने का काम करते हैं। भले ही पकड़े गए दोनों तथाकथित मुंशी अधिकारियों के इंटरेस्ट पूरा नहीं कर सके जिसके कारण उन पर कार्रवाई हुई।







