पटना न्यूज़: राजधानी पटना की सड़कों पर हर दिन लगने वाले जाम से लोग त्रस्त हैं। अब इस समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। 1 दिसंबर से ऐसे कड़े नियम लागू होने जा रहे हैं, जो शहर के ट्रैफिक सिस्टम को पूरी तरह बदल देंगे। आखिर क्या हैं ये नए नियम और इसका पटना पर क्या असर होगा?
पटना की बढ़ती आबादी और वाहनों की तादाद ने यहां की सड़कों पर ट्रैफिक जाम को एक गंभीर चुनौती बना दिया है। सुबह से शाम तक मुख्य चौराहों और बाजारों में वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिससे न केवल समय बर्बाद होता है बल्कि लोगों को भारी परेशानी का सामना भी करना पड़ता है। इसी समस्या से निपटने के लिए अब पटना प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है।
सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों पर सख्त कार्रवाई
शहर को जाम मुक्त बनाने की दिशा में तैयारियां तेज़ हो गई हैं। आगामी 1 दिसंबर से सड़क किनारे अनाधिकृत रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे वाहनों को जब्त करें, जो सड़क पर यातायात बाधित कर रहे हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाना और वाहनों के सुगम परिचालन को सुनिश्चित करना है।
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इसके साथ ही, सड़क किनारे संचालित होने वाले गैराजों पर भी नकेल कसी जा रही है। प्रशासन ने ऐसे सभी गैराजों को बंद करने का आदेश दिया है जो सड़कों पर वाहनों की मरम्मत करते हैं या अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार सड़क तक कर लेते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम होता है। इन गैराजों को अपनी गतिविधियां सड़क से हटाकर अंदरूनी क्षेत्रों में ले जाने या किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए कहा गया है।
यातायात व्यवस्था में सुधार का लक्ष्य
प्रशासन का मानना है कि सड़क किनारे अवैध पार्किंग और गैराजों की मनमानी से ही शहर में जाम की स्थिति विकट होती है। इन नए नियमों के लागू होने के बाद उम्मीद है कि पटना की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। नागरिकों को भी इन नियमों का पालन करने की अपील की गई है ताकि यह अभियान सफल हो सके और राजधानी को सचमुच जाम-मुक्त बनाया जा सके।



