Bihar Teacher News: Bihar के 32 हजार शिक्षकों की सैलरी के लाले, ऊपर से ACS सिद्धार्थ का बड़ा फरमान, बन गई 38 अधिकारियों की टीम…करेगी यह काम।
Bihar Teacher News: बार-बार समीक्षा के बावजूद अब तक
बिहार के 32 हजार शिक्षकों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिल पाया, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ये सभी शिक्षक पहले चरण की सक्षमता परीक्षा पास कर विशिष्ट शिक्षक बने थे। शिक्षा विभाग द्वारा बार-बार समीक्षा के बावजूद अब तक इन शिक्षकों का वेतन जारी नहीं किया गया है।
Bihar Teacher News: सभी जिलों को आदेश फिर लटका भुगतान
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में 1.72 लाख नियोजित शिक्षकों को विशिष्ट शिक्षक के रूप में पदोन्नति दी गई थी। इनमें से 1.40 लाख शिक्षकों को वेतन मिल चुका है, लेकिन शेष 32 हजार शिक्षक वेतन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। विभाग का कहना है कि सभी जिलों को आदेश जारी कर दिया गया है कि जल्द से जल्द शिक्षकों के बकाया वेतन का भुगतान किया जाए।
Bihar Teacher News: नए वेतनमान की प्रक्रिया अधूरी, शिक्षकों की बढ़ी परेशानी
शिक्षा विभाग ने घोषणा की थी कि 1 जनवरी 2025 से सभी विशिष्ट शिक्षकों को नए वेतनमान का लाभ मिलेगा। हालांकि, HRMS पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी न होने के कारण अब तक 32 हजार शिक्षकों को वेतन नहीं मिल पाया। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रान नंबर जल्द जारी किए जाएं ताकि शिक्षकों को उनके वेतन का भुगतान किया जा सके।
इसके अलावा, दूसरे चरण की सक्षमता परीक्षा पास करने वाले 65 हजार शिक्षकों की वेतन प्रक्रिया भी लंबित है। विभाग ने आदेश दिया है कि इन शिक्षकों के वेतन संबंधी कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
ACS सिद्धार्थ का सख्त आदेश: 80 हजार स्कूलों की होगी जांच
बिहार सरकार अब सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए बड़े स्तर पर निरीक्षण अभियान शुरू कर रही है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) डॉ. एस सिद्धार्थ ने राज्यभर के 80,000 स्कूलों की जांच के लिए 38 अधिकारियों की एक विशेष टीम बनाई है। यह निरीक्षण अगले 90 दिनों में पूरा किया जाएगा।
कैसे होगा स्कूलों का निरीक्षण?
हर अधिकारी को हर महीने 25 स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण करना होगा।
निरीक्षण से एक दिन पहले अधिकारियों को मोबाइल पर सूचना दी जाएगी।
यदि किसी स्कूल में अनियमितता पाई जाती है, तो तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
गलत या फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
संविदा कर्मियों को निरीक्षण से किया गया बाहर
शिक्षा विभाग की जांच में पाया गया कि संविदा कर्मियों द्वारा किए गए कई निरीक्षणों की रिपोर्ट गलत और भ्रामक थी। इसी वजह से, सरकार ने यह आदेश जारी किया है कि अब स्कूलों का निरीक्षण केवल नियमित अधिकारियों द्वारा ही किया जाएगा।
स्कूलों में सुधार की नई रणनीति
निरीक्षण रिपोर्ट की मॉनिटरिंग स्वयं ACS सिद्धार्थ करेंगे।
निरीक्षण के आधार पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
शिक्षकों की उपस्थिति, स्कूलों में दी जाने वाली सुविधाएं और छात्रों की पढ़ाई का स्तर जांचा जाएगा।
जिन स्कूलों में गंभीर खामियां पाई जाएंगी, वहां तत्काल सुधार के आदेश दिए जाएंगे।
शिक्षकों की नाराजगी, सरकार से जल्द वेतन भुगतान की मांग
तीन महीने से वेतन न मिलने के कारण प्रभावित शिक्षक सरकार से जल्द भुगतान की मांग कर रहे हैं। कई शिक्षक संगठनों ने विभाग से अपील की है कि वेतन से संबंधित लंबित प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए।
एक शिक्षक ने बताया:
“हमने सक्षमता परीक्षा पास कर विशिष्ट शिक्षक का दर्जा प्राप्त किया, लेकिन अब तीन महीने से वेतन नहीं मिल रहा। हमारे परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। सरकार को जल्द से जल्द वेतन जारी करना चाहिए।”
निष्कर्ष : क्या सुधार देखने को मिलेंगे?
बिहार में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की सैलरी से जुड़ी समस्या और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता दोनों पर सरकार का ध्यान गया है। जहां एक तरफ 32 हजार शिक्षकों को वेतन मिलने में देरी हो रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकार स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए बड़े स्तर पर निरीक्षण अभियान चला रही है। अब देखने वाली बात होगी कि शिक्षकों को वेतन कब तक मिलेगा और निरीक्षण अभियान से सरकारी स्कूलों में क्या सुधार देखने को मिलेंगे।