

Bihar News: सीमांचल की धरती पर सियासत की बिसात बिछी, और अब इसका असर सीधे सरकारी कामकाज पर दिख रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के बाद राज्य में अवैध घुसपैठ और जाली दस्तावेजों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ने की तैयारी है, मानो सरकार ने अपने हाथों में क्लीन-अप ड्राइव का डंडा थाम लिया हो।
Bihar News: अमित शाह के सीमांचल दौरे के बाद एक्शन में सरकार, अवैध घुसपैठ पर होगी कड़ी कार्रवाई
बिहार न्यूज: सीमांचल में सुरक्षा घेरा होगा मजबूत
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सीमांचल दौरे के उपरांत बिहार में अवैध घुसपैठियों और नकली आधार कार्ड धारकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की तैयारियां तेज हो गई हैं। संबंधित अधिकारियों को सीमा सुरक्षा, जनसांख्यिकीय बदलाव और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामलों पर मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए गए हैं। यह पहल राज्य की आंतरिक सुरक्षा और नागरिकों की पहचान की शुचिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने दौरे के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में व्याप्त जनसांख्यिकीय असंतुलन और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके संभावित प्रभावों पर चिंता व्यक्त की थी। इसके बाद ही राज्य प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने का स्पष्ट संदेश मिला है। अब एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसका मुख्य लक्ष्य राज्य में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालना और फर्जी दस्तावेजों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस अभियान के तहत सबसे पहले उन संदिग्ध आधार केंद्रों और ऑपरेटरों की पहचान की जाएगी, जो फर्जी आधार कार्ड बनाने में संलिप्त पाए गए हैं। इन केंद्रों पर जल्द ही बड़े पैमाने पर छापेमारी की तैयारी है। इसके अतिरिक्त, सीमावर्ती जिलों में विशेष टीमें गठित की जाएंगी जो घुसपैठियों के संभावित ठिकानों पर नजर रखेंगी और स्थानीय आबादी में किसी भी तरह के असामान्य बदलाव की निगरानी करेंगी।
जाली दस्तावेजों पर कड़ा प्रहार
प्रशासन का मानना है कि फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र न केवल अवैध घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता का लाभ उठाने में मदद करते हैं, बल्कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए तकनीक का भी सहारा लिया जाएगा। डेटा विश्लेषण और फेशियल रिकग्निशन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर संदिग्ध मामलों की पहचान की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
राज्य पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि सीमा पार से होने वाली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। निगरानी चौकियों को और अधिक सक्रिय करने तथा खुफिया जानकारी साझा करने की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस पूरे अभियान का उद्देश्य बिहार को हर तरह के अवैध तत्वों से मुक्त कर एक सुरक्षित और स्थिर राज्य बनाना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस पूरे क्रम में किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशानी न हो।
इस वृहद अभियान से उन तत्वों में हड़कंप मच गया है जो लंबे समय से अवैध गतिविधियों में लिप्त थे। सरकार की यह दृढ़ता दर्शाती है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि यह ‘मिशन मोड’ कार्य कितने समय में अपने उद्देश्यों को प्राप्त कर पाता है।





