
Border Security: सरहदों पर चौकसी की चादर, अब पहले से कहीं ज़्यादा गहरी और अभेद्य होती जा रही है। घुसपैठियों के मंसूबों पर नकेल कसने और देश की सुरक्षा को पुख्ता करने का जो संकल्प लिया गया था, वह अब ज़मीन पर आकार ले रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के फरवरी 2026 में सीमांचल के तीन दिवसीय दौरे के दौरान दिए गए सख्त निर्देशों का असर अब स्पष्ट रूप से दिख रहा है। शाह ने भारत-नेपाल सीमा पर घुसपैठ रोकने, घुसपैठियों की पहचान करने और ‘नो मेंस लैंड’ सहित सीमाई क्षेत्रों से सभी तरह के अतिक्रमण हटाने के स्पष्ट आदेश दिए थे। इन निर्देशों के बाद से ही सीमांत इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई है और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सघन अभियान चलाए जा रहे हैं।
Border Security: सीमांचल में घुसपैठ पर लगाम और अतिक्रमण हटाओ अभियान
गृह मंत्री के आदेशों के बाद, सीमा सुरक्षा बल (SSB) और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर संयुक्त अभियान शुरू किए हैं। विशेष रूप से सीमांचल क्षेत्र में उन संवेदनशील बिंदुओं को चिन्हित किया गया है, जहां से घुसपैठ की आशंका सबसे अधिक होती है। इन इलाकों में ड्रोन से निगरानी और अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। झारखंड से भटके हुए और फिर भारत-नेपाल सीमा पर पाए गए व्यक्तियों की पहचान और उनकी आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी प्रभावी ढंग से लागू किए जा रहे हैं। इसका सीधा असर सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है।
नो मेंस लैंड से अतिक्रमण हटाने की मुहिम तेज़
केंद्रीय गृह मंत्री की सख्ती के बाद से ही प्रशासन और सुरक्षा बल एक्शन मोड में आ गए हैं। ‘नो मेंस लैंड’ घोषित क्षेत्रों में जहां भी अवैध कब्ज़े या निर्माण थे, उन्हें चिन्हित कर हटाया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सीमाई क्षेत्र पूरी तरह से स्वतंत्र रहें और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि के लिए इस्तेमाल न हों। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस अभियान में स्थानीय प्रशासन भी सुरक्षा बलों का पूरा सहयोग कर रहा है। सीमाई इलाकों में रहने वाले लोगों को भी इन नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ । इस पूरे अभियान का लक्ष्य भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा को अभेद्य बनाना और किसी भी बाहरी खतरे से देश को सुरक्षित रखना है। सीमाई इलाकों में लगातार गश्त बढ़ाई गई है और तकनीकी निगरानी का भी सहारा लिया जा रहा है, ताकि कोई भी घुसपैठिया देश में प्रवेश न कर सके। सुरक्षा बलों के जवान दिन-रात अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


