
Anant Singh: बिहार के ‘छोटे सरकार’ अनंत सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई बयान नहीं बल्कि उनके बेटे का एक वायरल वीडियो है। इस वीडियो में अनंत सिंह के बेटे घुड़सवारी करते दिख रहे हैं, जिसके बाद बिहार की सियासी गलियारों में नई चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
यह वायरल वीडियो पटना का बताया जा रहा है, जिसमें अनंत सिंह के छोटे बेटे अभिनव पूरी कुशलता के साथ घोड़े पर सवार दिखते हैं। आसपास मौजूद लोग इस दृश्य को सामान्य अभ्यास की तरह देख रहे थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने दावा किया कि इस दौरान खुद अनंत सिंह भी मौजूद थे, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। जानकारी के अनुसार, अभिनव को घोड़े पर बैठने, लगाम पकड़ने और संतुलन बनाने की बाकायदा ट्रेनिंग दी गई है, जिसका आत्मविश्वास वीडियो में साफ झलकता है।
अनंत सिंह के बेटे अभिनव का घुड़सवारी कौशल
इस घटनाक्रम को अनंत सिंह के हालिया बयान से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा था कि वे अब चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि उनके बेटे भविष्य में चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा था कि जनता जिसे पसंद करेगी, वही आगे आएगा। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सामान्य पारिवारिक गतिविधि मान रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि यह अभ्यास एक संवेदनशील इलाके में हुआ था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
चुनावी भविष्य और मोकामा सीट की सियासत
मोकामा सीट हमेशा से अनंत सिंह का गढ़ रही है, और अब उनके बेटे का नाम भविष्य के दावेदार के रूप में सामने आने से सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अभिनव अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे। उनकी घुड़सवारी के वीडियो को उनके पिता के भविष्य के राजनीतिक दावों से जोड़कर देखा जा रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
पुराने मामले और कानूनी अड़चनें
इस बीच, अनंत सिंह का नाम एक पुराने मामले को लेकर भी चर्चा में है। पटना उच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष उन्हें जमानत दी थी। यह मामला दुलारचंद यादव की हत्या से जुड़ा है, जहां उन पर चुनाव के दौरान साजिश रचने का आरोप था। अदालत ने सुनवाई के दौरान कुछ शर्तों के साथ जमानत मंजूर की थी, जिसमें गवाहों को प्रभावित न करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने की हिदायत शामिल थी। अनंत सिंह को 1 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था और उन्होंने जेल में रहते हुए भी मोकामा सीट से चुनाव लड़ा और बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







