

पटना जिले की मोकामा विधानसभा सीट से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बाहुबली विधायक को एमपी-एमएलए कोर्ट ने गुरुवार को 10 साल की सजा सुनाई है। आर्म्स एक्ट का यह आपराधिक मामला वर्ष 2015 का है। अनंत सिंह अभी न्यायिक हिरासत के तहत बेऊर जेल में बंद हैं।
सजा के बाद अनंत सिंह ने मीडिया ने बातचीत में कहा कि अब वे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा। आज नहीं तो कल उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।बाढ़ के एक आपराधिक मामले में एसीजेएम ने अनंत कुमार सिंह के सरकारी आवास एक माल रोड में 24 जून 2015 को छापेमारी करने का आदेश दिया था। इसी आदेश के आलोक में पटना पुलिस ने छापेमारी की थी। छापेमारी में इंसास राइफल की छह मैगजीन और एक बुलेट प्रूफ जैकेट बरामद हुई थी।
अनंत सिंह ने बातचीत में जज की नियुक्ति पर ही सवाल खड़े कर दिये। उन्होंने कहा कि सरकार के लाए हुए जज हैं। 19 महीना से हैं। कोई बदली भी नहीं हुई है। यह जज नहीं थे सरकार के पिट्ठू थे। हमको न्यायालय पर भरोसा है। सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। अनंत सिंह ने कहा कि पुलिस सरकार की नौकर होती है। सरकार से हमारी लड़ाई है। सरकार जो आदेश देगी वो पुलिस करेगी। हमको जबरदस्ती फंसाया जा रहा है। हम 20 साल से घर नहीं गये हैं। पटना में ही रहते थे। इसके बावजूद मुझे फंसा दिया गया।
इस मामले के ट्रायल के दौरान अपर लोक अभियोजक ब्रज किशोर-2 ने कोर्ट में नौ अभियोजन गवाह पेश किये थे। इस मामले में एमपी-एमएमएलए कोर्ट ने अपनी तरफ से कोर्ट गवाह के तौर एक गवाह को बुलाया था।
14 जुलाई को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश त्रिलोकी दूबे ने अभियुक्त अनंत कुमार सिंह को आर्म्स एक्ट की धारा के तहत दोषी करार दिया था। इससे पहले एमपी-एमएलए कोर्ट अनंत सिंह को उनके पैतृक आवास से एके-47 राइफल और ग्रेनेड बरामदगी मामले में सजा सुना चुकी है।
इससे पहले कोर्ट ने उनके लदमा स्थित आवास से एक-47 और हैंड ग्रेनेट मिलने के मामले में भी 10 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद बिहार विधानसभा में उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई।
इंसास-बुलेट प्रूफ जैकेट मामले में हुई सजा
पटना के हार्डिंग रोड स्थित अनंत सिंह के सरकारी आवास से पुलिस की छापेमारी के दौरान में एक इंसास राइफल और एक बुलेट प्रूफ जैकेट बरामद किया गया था। एमपी एमएलए कोर्ट ने इस मामले में भी अनंत सिंह को दोषी करार दिया था। इस मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए अगली तारीख 21 जुलाई को निर्धारित की गई थी। कोर्ट ने पूर्व निर्धारित तिथि के अनुसार गुरुवार को सजा की अवधि पर सुनवाई करने के बाद फैसला सुनाया। अनंत सिंह के खिलाफ आर्म्स एक्ट से जुड़ा यह मामला वर्ष 2015 का है।



