
बच्चे की बरामदगी: औरंगाबाद में वट सावित्री पूजा के दिन अचानक लापता हुए एक चार वर्षीय मासूम की पुलिस ने सकुशल बरामदगी की है। यह गया और औरंगाबाद पुलिस के संयुक्त अभियान का नतीजा है, जिसने एक मां की सूनी गोद फिर से भर दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कैसे लापता हुआ मासूम?
गया स्थित मगध रेंज कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईजी विकास वैभव ने जानकारी दी कि वट सावित्री पूजा के दिन औरंगाबाद जिले के ओबरा मंदिर परिसर से एक 4 वर्षीय बच्चा लापता हो गया था। यह घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई, जिसमें एक महिला बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाती हुई दिखाई दी। शुरुआती जांच में पता चला कि महिला बच्चे को लेकर एएन रोड स्टेशन के पास भी देखी गई थी, हालांकि उस समय रेलवे स्टेशन का स्पष्ट फुटेज न मिलने के कारण जांच थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो गई थी।
बच्चे की बरामदगी: ऐसे चला पूरा अभियान
मासूम के लापता होने की खबर मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच शुरू कर दी। गया और औरंगाबाद पुलिस ने मिलकर इस मामले पर काम किया। यह बच्चे की बरामदगी गया और औरंगाबाद पुलिस के संयुक्त अभियान का नतीजा है, जिस पर मगध पुलिस ने मुस्तैदी से काम किया। इसके बाद मगध क्षेत्र के आसपास के सभी रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की गई। जांच के दौरान गया जंक्शन के फुटेज में वही महिला बच्चे के साथ दिखाई दी। आगे की पड़ताल में पुलिस ने महिला को एक टेंपो से जाते हुए देखा, जिसके बाद तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई तेज की गई। दाउदनगर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जबकि गया के एसएसपी और औरंगाबाद एसपी के निर्देशन में लगातार छापेमारी अभियान चलाया गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंआप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
एक बड़ी चुनौती का तार्किक अंत
आखिरकार पुलिस की कड़ी मेहनत रंग लाई। गया शहर के डेल्हा थाना क्षेत्र अंतर्गत डेल्हा ब्रिज इलाके से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने रंजू देवी नामक महिला को गिरफ्तार किया है, जिससे आगे की पूछताछ जारी है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या वह इस तरह के अन्य मामलों में भी शामिल रही है। आईजी विकास वैभव ने पुलिस टीम की इस सफल बच्चे की बरामदगी पर सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस केस को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा ताकि भविष्य में बच्चों के गायब होने जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। इस मामले में मगध पुलिस ने अपनी कार्यक्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।






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