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फ़रवरी, 27, 2026
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Bihar Milk Chilling Plant: भोजपुर में खुलेगा सुधा का 50,000 लीटर क्षमता वाला विशाल दूध शीतक केंद्र, बदलेगी किसानों की तकदीर

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Bihar Milk Chilling Plant: दूध की नदियां बहाने की तैयारी में जुटा है बिहार का भोजपुर, जहां सफेद क्रांति की नई सुबह दस्तक देने वाली है। किसानों की तकदीर बदलने और उनकी मेहनत को सही दाम दिलाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है।

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बिहार के भोजपुर जिले के तरारी में जल्द ही सुधा डेयरी का एक अत्याधुनिक दूध शीतक केंद्र अपनी सेवाएं देना शुरू करेगा। यह केंद्र 50,000 लीटर दूध प्रतिदिन की क्षमता वाला होगा, जिसका निर्माण पांच एकड़ भूमि पर किया जा रहा है। यह परियोजना दक्षिणी बिहार के उन हजारों दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए वरदान साबित होगी, जिन्हें अभी तक दूध बेचने और उचित मूल्य प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

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भोजपुर का Bihar Milk Chilling Plant: किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

इस नए संयंत्र के शुरू होने से स्थानीय किसानों को अपने दूध को सीधे सुधा डेयरी तक पहुंचाने की सुविधा मिलेगी। इससे न केवल उनके दूध की बर्बादी रुकेगी, बल्कि उन्हें बिचौलियों से छुटकारा भी मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। परियोजना का उद्देश्य दुग्ध उत्पादकों को एक स्थिर और विश्वसनीय बाजार प्रदान करना है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।

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यह पहल बिहार में श्वेत क्रांति को और गति देगी। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां Dairy Farmers Bihar के लिए दूध उत्पादन आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, यह केंद्र रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। दूध संग्रहण और प्रसंस्करण में वृद्धि से डेयरी क्षेत्र में समग्र विकास होगा।

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स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

इस वृहद परियोजना से तरारी और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। दूध के परिवहन, पैकेजिंग और वितरण से जुड़े कई छोटे-मोटे व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह केंद्र आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर दूध को लंबी अवधि तक ताजा रखने में सक्षम होगा, जिससे दूध की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

सुधा डेयरी का यह कदम राज्य सरकार की किसानों की आय दोगुनी करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह सिर्फ एक दूध शीतक केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण समृद्धि का एक नया अध्याय है, जो हजारों Dairy Farmers Bihar के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे और भी केंद्र स्थापित किए जाएं ताकि राज्य के हर कोने में दुग्ध उत्पादकों को लाभ मिल सके।

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