

Bihar Ambulance: जीवन और मृत्यु के बीच झूलती सांसों के सारथी, 102 एंबुलेंसकर्मी अब सिर्फ़ सेवा ही नहीं, सम्मान का भी हक पाएंगे। उनके संघर्षों की तपस्या रंग लाई है, जिसने न सिर्फ़ उनकी जीविका को नया आधार दिया है, बल्कि बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई ऊर्जा भी भर दी है। नए साल में बिहार के 102 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों के लिए खुशियों की सौगात आई है। बिहार राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ (इंटक) और जैन प्लस कंपनी के शीर्ष अधिकारियों के बीच कई दौर की गहन बातचीत के बाद एक ऐतिहासिक और निर्णायक समझौता हुआ है। यह समझौता राज्य भर में कार्यरत हजारों एंबुलेंस चालकों और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
Bihar Ambulance Service: कर्मचारियों के लिए समान वेतन और न्यूनतम मजदूरी का मार्ग प्रशस्त
इस समझौते के तहत, पूरे बिहार में 102 एंबुलेंस के सभी चालकों और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन का मासिक वेतन अब एक समान कर दिया गया है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो कर्मचारियों के बीच वेतन असमानता को दूर करेगा। सबसे खास बात यह है कि सभी 102 एंबुलेंस कर्मचारियों को अब सरकार और श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का लाभ मिलेगा, जो उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाएगा। कंपनी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यदि कोई कर्मचारी चार दिन का अतिरिक्त कार्य करता है, तो उसे इसका अलग से भुगतान किया जाएगा। वहीं, जो कर्मचारी अतिरिक्त कार्य नहीं करना चाहते हैं, उन्हें चार दिन का साप्ताहिक अवकाश देने की व्यवस्था भी लागू की गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वेतन वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी
संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित कुमार पांडे ने बताया कि पहले ड्राइवर और EMT को प्रतिमाह 10 हजार रुपये का वेतन मिलता था। अब इस नए समझौते के बाद दोनों को लगभग 14 हजार 200 रुपये का मासिक वेतन मिलेगा। यह वेतन वृद्धि उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पांडे ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में जब भी सरकार या श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की जाएगी, उसका सीधा लाभ 102 एंबुलेंस कर्मियों को दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सभी कर्मचारियों को भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESIC) का लाभ भी समय पर प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें सामाजिक सुरक्षा का कवच मिल सके।
कर्मचारी कल्याण और सुरक्षा के अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान
समझौते में यह भी तय किया गया है कि किसी भी कर्मचारी के कार्य के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति में, उसके इलाज का पूरा खर्च संस्था द्वारा वहन किया जाएगा। यह प्रावधान कर्मचारियों के लिए एक बड़ी चिंता को दूर करता है। इसके अलावा, संस्था की ओर से एक वेलफेयर योजना लागू करने का प्रस्ताव भी स्वीकार किया गया है। इस योजना के तहत, आर्थिक जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों को संस्था द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह कर्मचारियों के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्थायीकरण और दस्तावेज़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
इस समझौते के तहत पूर्व में कार्यरत सभी कर्मचारियों का समायोजन किया जाएगा। साथ ही, सभी कर्मियों को औपचारिक नियुक्ति पत्र और वेतन पर्ची भी प्रदान की जाएगी। यह कदम कर्मचारियों की नौकरी को स्थायित्व प्रदान करेगा और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति अधिक आश्वस्त करेगा। पांडे ने बताया कि इन फैसलों के लिए लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा, लेकिन आज उसका सकारात्मक परिणाम पूरे बिहार के 102 एंबुलेंस कर्मचारियों को मिला है। यह निर्णय विशेष रूप से नालंदा जिला सहित राज्य के सभी एंबुलेंस कर्मियों के लिए खुशी की बात है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको रखता है हर बड़ी खबर से अपडेटेड।


