
प्रधानाध्यापक नियुक्ति: बिहार के स्कूलों को जल्द ही 896 नए मुखिया मिलने वाले हैं। शिक्षा विभाग ने इन प्रधानाध्यापकों की तैनाती को लेकर आदेश जारी कर दिया है। अब सिर्फ जॉइनिंग की औपचारिकता बची है।
राज्य ब्यूरो, पटना: प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने सोमवार को आदेश जारी कर बताया कि प्रदेश के उत्क्रमित और नवस्थापित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 896 प्रधानाध्यापक पदस्थापित किए जाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इसके अनुसार, 27 अप्रैल से 6 मई तक नए प्रधानाध्यापकों को अपने पद पर योगदान देना अनिवार्य होगा। यदि कोई अभ्यर्थी इस निर्धारित समय-सीमा में योगदान नहीं करता है, तो नियुक्ति प्राधिकार को उसकी नियुक्ति रद्द करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा।
896 प्रधानाध्यापक नियुक्ति: क्या है पूरी प्रक्रिया?
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा प्रधानाध्यापक पद के लिए अनुशंसित कुल 896 चयनित अभ्यर्थियों को द्वितीय चरण के तहत 14 जनवरी को प्रमंडल और जिला आवंटित किए गए थे। इसके बाद, 27 जनवरी तक इन अभ्यर्थियों से आवंटित जिले के भीतर पांच-पांच प्रखंडों का विकल्प मांगा गया था। कुल 565 अभ्यर्थियों ने अपने विकल्प जमा किए थे। 17 अप्रैल को समिति की अनुशंसा के आधार पर इन्हें राज्य के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पदस्थापित किया गया।
नियुक्ति पत्र कब और कैसे मिलेगा?
क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय द्वारा इन अभ्यर्थियों को औपबंधिक नियुक्ति पत्र, विद्यालय पदस्थापन पत्र और योगदान प्रपत्र सॉफ्टवेयर के माध्यम से 22 अप्रैल तक प्रिंट करने का निर्देश दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। संबंधित प्रधानाध्यापक अभ्यर्थी को 25 अप्रैल तक ये औपबंधिक नियुक्ति पत्र प्राप्त हो जाएंगे।
यह प्रधानाध्यापक नियुक्ति प्रक्रिया राज्य में शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करेगी।
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