

Bihar News: सियासत की गलियों से निकलकर जब बात खेत-खलिहानों तक पहुंचती है, तो उम्मीदों की फसल लहलहा उठती है। पटना में बिहार सरकार ने कृषि व्यवस्था को लेकर अपनी योजनाओं का पिटारा खोलते हुए किसानों के लिए एक नया रोडमैप पेश किया है, जिसका लक्ष्य अन्नदाताओं को समृद्ध बनाना है।
शुक्रवार को सूचना भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को विस्तार से साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का एकमात्र संकल्प ‘समृद्ध किसान — विकसित बिहार’ है और इसी दिशा में कृषि विभाग लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में सरकार कृषि को एक लाभकारी, आधुनिक और सम्मानजनक पेशा बनाने के लिए कटिबद्ध है। छोटे एवं सीमांत किसानों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bihar News: कृषि रोड मैप से बदली तस्वीर
कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में लागू किए गए कृषि रोड मैप से उत्पादन, उत्पादकता और किसानों की आय में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार ने बीज, उर्वरक, सिंचाई की बेहतर सुविधाएँ, आधुनिक कृषि यंत्र और डिजिटल सेवाओं को प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुँचाया है। जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, टिकाऊ और स्मार्ट खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा, फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और बेहतर बाजार व्यवस्था के माध्यम से कृषि आधारित उद्यमिता को नई गति प्रदान की जा रही है।
सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे किसानों के बैंक खातों तक पहुँचे, इसके लिए डीबीटी (DBT) और डिजिटल प्रणाली को बेहद मजबूत किया गया है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि भ्रष्टाचार और बिचौलिया व्यवस्था पर सख्त नियंत्रण रखना सरकार की प्राथमिकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
किसानों से सीधा संवाद करेगी सरकार
मंत्री राम कृपाल यादव ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि विधानमंडल सत्र समाप्त होने के बाद विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल प्रत्येक जिले का दौरा करेगा। इस दौरान किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि उद्यमियों और नवाचारी युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा, ताकि जमीनी हकीकत को समझते हुए कृषि क्षेत्र को एक नई दिशा दी जा सके। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। इस अवसर पर मौजूद कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि सफल कृषि रोड मैप की बदौलत ही बिहार को ‘कृषि कर्मण पुरस्कार’ से राष्ट्रीय पहचान मिली है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने किसानों से परंपरागत फसलों के साथ-साथ बाजार की मांग के अनुरूप उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती करने की भी अपील की।
उत्पादन बढ़ाने और नवाचार पर विभाग का जोर
कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने बताया कि बीते वर्षों में धान, गेहूं और मक्का के उत्पादन में शानदार वृद्धि हुई है। अब दलहन और तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए एक विशेष रणनीति पर काम चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और वितरण प्रणाली पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। वहीं, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार ने बताया कि छोटे किसानों की आय बढ़ाने के लिए क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जल्द ही किसानों को आधुनिक मखाना पॉपिंग मशीन उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे प्रसंस्करण आसान होगा और आय बढ़ेगी।
e-NAM से जुड़ेंगे राज्य के बाजार
प्रेस वार्ता में मौजूद विपणन निदेशालय के निदेशक शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि राज्य के सभी बाजार प्रांगणों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इन बाजारों को राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) पोर्टल से जोड़ा जा रहा है, ताकि किसान अपने उत्पादों को ऑनलाइन बेच सकें और उन्हें देशव्यापी बाजार मिल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस पहल से न केवल व्यापार में पारदर्शिता आएगी, बल्कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर और उचित मूल्य भी मिल सकेगा।



