

Bihar AI Investment: भविष्य की दौड़ में बिहार अब पीछे नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पताका फहराने को तैयार है। डिजिटल क्रांति की यह नई इबारत राज्य के भविष्य को नया आयाम देगी। हाल ही में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में बिहार ने कुल 468 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश समझौते कर अपनी तकनीकी आकांक्षाओं को स्पष्ट कर दिया है। यह निवेश राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूत्रपात करेगा, जिससे न केवल आर्थिक विकास को गति मिलेगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
इस ऐतिहासिक समझौते के तहत, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना में 250 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक रिसर्च पार्क और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगा, जिससे बिहार शिक्षा और तकनीकी प्रगति के मानचित्र पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बना सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bihar AI Investment: प्रदेश को मिलेगी नई पहचान
यह पहल बिहार के युवाओं के लिए अनगिनत संभावनाओं के द्वार खोलेगी। छात्र और शोधकर्ता अत्याधुनिक सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे, जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा। यह कदम राज्य में तकनीकी विकास को गति देगा और इसे देश के प्रमुख एआई हब में से एक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह निवेश केवल आर्थिक आंकड़े नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य की तस्वीर है।
IIT पटना बनेगा AI का गढ़
आईआईटी पटना में स्थापित होने वाला यह रिसर्च पार्क केवल एक इमारत नहीं, बल्कि विचारों का एक ऐसा महासागर होगा जहाँ नवाचार की लहरें उठेंगी। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अत्याधुनिक उपकरण और विशेषज्ञता उपलब्ध होगी, जो छात्रों को वास्तविक दुनिया की समस्याओं का समाधान खोजने में मदद करेगी। इससे न केवल शिक्षा के स्तर में सुधार होगा बल्कि तकनीकी विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे। इस पहल से राज्य में एआई स्टार्टअप्स को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे एक मजबूत तकनीकी इकोसिस्टम का निर्माण होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




