



Bihar AI Mission: बिहार में अब ज्ञान की भूमि पर तकनीक का महायज्ञ होने जा रहा है, जहाँ भविष्य के बीज बोए जाएँगे और संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे। राज्य सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसके तहत आईआईटी पटना के बिहटा परिसर में एक भव्य ‘मेगा AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जाएगी।
बिहार AI Mission: IIT पटना में 60 करोड़ का ‘मेगा AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ मंजूर, खुलेगी तकनीक की नई राह
बिहार AI Mission: क्या होगा इस सेंटर में खास?
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को बिहार AI मिशन की उच्चस्तरीय समिति ने सर्वसम्मति से अपनी मंजूरी दे दी है। इस केंद्र के निर्माण पर लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जो राज्य में तकनीकी शिक्षा और शोध को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह सेंटर न केवल शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आज के दौर की सबसे क्रांतिकारी तकनीकों में से एक है, और बिहार सरकार इस दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है। यह पहल बिहार को डिजिटल क्रांति के मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह मेगा सेंटर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न पहलुओं पर शोध और विकास का केंद्र बनेगा। इसमें मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, रोबोटिक्स और प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (NLP) जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। छात्रों और पेशेवरों को इन उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षित करने के लिए विशेष पाठ्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य बिहार को AI तकनीक में आत्मनिर्भर बनाना और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी भूमिका निभाना है।
आईआईटी पटना के विशेषज्ञ इस परियोजना को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया था, जिसे राज्य सरकार ने सराहा है। यह सेंटर न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रतीक बनेगा, बल्कि उद्योगों के साथ मिलकर अभिनव समाधान भी विकसित करेगा, जिससे राज्य के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
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इस पहल से राज्य के कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी AI के अनुप्रयोगों को बढ़ावा मिलेगा। उदाहरण के लिए, किसानों को बेहतर फसल प्रबंधन और मौसम की जानकारी मिल सकेगी, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार आएगा। यह वास्तव में एक दूरगामी निर्णय है।
राज्य के युवाओं को मिलेगा बड़ा अवसर
यह सेंटर बिहार के युवाओं के लिए गेम चेंजर साबित होगा। उन्हें विश्व स्तरीय तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास का मौका मिलेगा, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो सकेंगे। इस केंद्र में इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के अवसर भी उपलब्ध होंगे, जिससे छात्रों को सीधे उद्योग जगत से जुड़ने का मौका मिलेगा। बिहार सरकार का यह कदम राज्य को एक ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई है और उम्मीद है कि यह तय समय सीमा के भीतर पूरा हो जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हम देशज टाइम्स बिहार का N0.1 पर आपको ऐसी ही महत्वपूर्ण खबरें देते रहेंगे।


