

Bihar Anti-Corruption Drive: कहावत है कि ‘साँप मरा और लाठी भी न टूटी’, लेकिन बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ छिड़ी जंग में अब लाठी भी टूट रही है और भ्रष्टाचारी भी बिल में घुसने को मजबूर हैं। साल 2026 की शुरुआत ने ही सूबे में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को नई रफ्तार दे दी है।
पटना, 02 मार्च। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई ने वर्ष 2026 की शुरुआत में ही रफ्तार पकड़ ली है। राज्य के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जनवरी और फरवरी 2026 के दौरान भ्रष्टाचार से जुड़े 28 मामलों में मुकदमा दर्ज कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यह आंकड़ा वर्ष 2024 के इसी अवधि की तुलना में काफी अधिक है, जब केवल 10 मामले दर्ज किए गए थे। यह दर्शाता है कि नीतीश सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए कितनी गंभीर है।
बिहार एंटी-करप्शन ड्राइव: कैसे हुई कार्रवाई?
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अधिकारियों के मुताबिक, ये मामले विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं, जिन पर रिश्वत लेने, पद का दुरुपयोग करने और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने जैसे आरोप हैं। इस तेज रफ्तार कार्रवाई ने भ्रष्ट अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है और एक मजबूत संदेश दिया है कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
ब्यूरो ने सूचनाओं के आधार पर कई जगहों पर छापेमारी की और रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए भी कई लोगों को गिरफ्तार किया है। इस भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान से आम जनता में भी विश्वास जगा है कि उनकी शिकायतें अनसुनी नहीं होंगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इन मामलों में कई बड़े और छोटे अधिकारी शामिल हैं, जिनकी गिरफ्तारी और उनसे पूछताछ जारी है। इस व्यापक जांच से भ्रष्टाचार के कई और परतें खुलने की उम्मीद है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
क्या कहते हैं आंकड़े?
जनवरी और फरवरी 2026 के दौरान 28 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2024 में इसी अवधि में यह संख्या मात्र 10 थी। वर्ष 2025 में भी यह आंकड़ा 15 से 20 के बीच रहा था, जो मौजूदा वर्ष की तुलना में काफी कम है। यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि ब्यूरो अपनी कार्यप्रणाली में अधिक सक्रिय और प्रभावी हो गया है।
इस बढ़ी हुई सक्रियता का श्रेय न केवल ब्यूरो की टीम को जाता है, बल्कि आम नागरिकों द्वारा दी जा रही सूचनाओं को भी जाता है। सरकार ने भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर और ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किए हैं, जिसने भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को मजबूत किया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की लगातार कार्रवाई से राज्य में पारदर्शिता बढ़ेगी और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। आने वाले समय में ब्यूरो से और भी अधिक सख्त कदम उठाने की उम्मीद है ताकि बिहार को भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाया जा सके। यह प्रयास निश्चित तौर पर एक नए और समृद्ध बिहार की नींव रखेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





