

बिहार ड्रग मेनेस: विधानसभा में गूंजा सूखे नशे का मुद्दा, युवाओं पर मंडराया गहरा संकट!
Bihar Drug Menace: सोमवार को बिहार विधानसभा के प्रश्नकाल में ‘सूखा नशा’ अचानक बहस के केंद्र में आ गया। सहरसा से इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने राज्य में तेजी से फैलते ड्रग्स के नेटवर्क को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। विधायक गुप्ता ने गंभीर दावा किया कि गांवों से लेकर शहरों तक, हर जगह ‘सूखा नशा’ युवाओं और स्कूली छात्रों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक ऐसा सामाजिक घाव बन गया है, जिससे पूरा समाज चिंतित है। अवैध नशा बिहार में किस कदर पांव पसार चुका है, यह सदन में उठी इस आवाज से स्पष्ट होता है।
बिहार ड्रग मेनेस: कैसे फैल रहा नशे का जाल?
विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने सदन में बताया कि ड्रग पेडलर्स नए-नए तरीकों से युवाओं को निशाना बना रहे हैं। ये गिरोह छोटे बच्चों और छात्रों को आसानी से अपने चंगुल में फंसा रहे हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस बढ़ते खतरे पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। उनका कहना था कि यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि समाज के भविष्य से जुड़ा गंभीर मसला है।
सरकार की चुप्पी और कार्रवाई की मांग
इस गंभीर मुद्दे पर सरकार की ओर से तत्काल कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया, हालांकि गृह विभाग के एक अधिकारी ने विधानसभा को आश्वस्त किया कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। विधायक गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि केवल कानून बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को अधिक सक्रिय होने और नशे के सौदागरों के खिलाफ कठोर अभियान चलाने का आग्रह किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान की आवश्यकता
नशा सिर्फ युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से ही नहीं तोड़ रहा, बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद कर रहा है। कई युवा इसकी लत के कारण अपराध की दुनिया में भी धकेले जा रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विशेषज्ञों का मानना है कि इस खतरे से निपटने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में शिक्षित करना और उन्हें सही राह दिखाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, नशा मुक्ति केंद्रों को और अधिक प्रभावी बनाना होगा ताकि पीड़ितों को सही उपचार मिल सके।
सामाजिक एकजुटता से ही संभव है समाधान
यह समस्या केवल सरकार या पुलिस की नहीं है। इसके लिए पूरे समाज को एकजुट होना होगा। अभिभावकों को अपने बच्चों पर ध्यान देना होगा, शिक्षकों को छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखनी होगी और सामाजिक संगठनों को भी इस लड़ाई में आगे आना होगा। जब तक हर स्तर पर प्रयास नहीं होंगे, अवैध नशा बिहार को खोखला करता रहेगा। बिहार सरकार को इस पर त्वरित और कठोर एक्शन लेने की जरूरत है ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस जहर से बचाया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



