



Bihar Assembly Session: बिहार की सियासत का ताप एक बार फिर किसानों की बिजली समस्या से गरमा गया। विधानसभा के सदन में ऊर्जा को लेकर ऐसी गर्मागर्मी दिखी, मानो खेतों में पानी नहीं, चिंगारियां बरस रही हों।
Bihar Assembly Session: बिहार विधानसभा सत्र में गरजा किसानों की बिजली का मुद्दा, RJD ने सरकार को घेरा
Bihar Assembly Session: किसानों की मांग और सरकार का रुख
बिहार विधानसभा के मौजूदा सत्र में सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति का मुद्दा छाया रहा। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की विधायक अनिता देवी ने सदन में किसानों की बदहाली और खेती को मजबूत करने की आवश्यकता को पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि बिहार को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है, तो किसानों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलनी ही चाहिए। अनिता देवी ने सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि अपर्याप्त बिजली के कारण किसान अपनी फसलों की उचित सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी उपज प्रभावित हो रही है और वे लगातार घाटे में जा रहे हैं।
यह सिर्फ अनिता देवी का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के किसानों की पुकार है, जो अच्छी सिंचाई सुविधा के अभाव में अपनी मेहनत को बिखरते देख रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने मांग की कि सरकार इस गंभीर विषय पर तत्काल ध्यान दे और किसानों को राहत प्रदान करे।
सत्ता पक्ष की ओर से इस पर जवाब देते हुए कहा गया कि सरकार किसानों को बेहतर बिजली आपूर्ति देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार काम कर रही है। हालांकि, विपक्ष ने इसे महज कोरा आश्वासन बताया और सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
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यह मुद्दा इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि बिहार की एक बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। किसानों की आय सीधे तौर पर बेहतर सिंचाई और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी है।
सदन में गरमागरम बहस और भविष्य की चुनौतियां
सदन में हुई इस तीखी बहस ने राज्य में कृषि क्षेत्र के सामने खड़ी चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। राजद विधायक ने तर्क दिया कि यदि किसानों को समय पर और पर्याप्त बिजली मिले, तो वे अपनी फसलों का उत्पादन बढ़ा सकते हैं, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। उनकी मांग थी कि सरकार कृषि फीडरों को प्राथमिकता दे और उनकी मरम्मत तथा रखरखाव पर विशेष ध्यान दे। कई सदस्यों ने यह भी उल्लेख किया कि बिजली बिलों की दरें भी किसानों के लिए एक बोझ बनती जा रही हैं, जिस पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। किसानों को सस्ती और नियमित बिजली उपलब्ध कराना केवल चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि उनके जीवनयापन का आधार है।
सरकार की तरफ से आश्वासन दिया गया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा, लेकिन विपक्ष ने इसे नाकाफी बताते हुए विरोध प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाती है और किसानों की सिंचाई सुविधा से जुड़ी समस्या का स्थायी समाधान कैसे करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



