



Bihar Politics: लोकतंत्र के मंदिर में जब जनता के सवालों पर बात न हो, तो समझो सियासत की आग भड़क उठी है। कुछ ऐसा ही नजारा बिहार विधानसभा में देखने को मिला। Bihar Politics: आज अनुश्रवण समिति की बैठक न होने पर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई।
बिहार पॉलिटिक्स: विधानसभा में हंगामा, अनुश्रवण समिति की बैठक न होने पर गरमाई सियासत
बिहार पॉलिटिक्स: अनुश्रवण समिति पर तकरार क्यों?
बिहार विधानसभा का मौजूदा सत्र आज एक बार फिर गरमागरम बहस और हंगामे का गवाह बना। प्रश्नकाल के दौरान, अनुश्रवण समिति की बैठक न होने के मुद्दे पर विपक्षी विधायकों ने अपनी आवाज बुलंद की। उनका आरोप था कि जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और उनके समाधान में सरकार उदासीनता बरत रही है। इस बात को लेकर सदन में जबरदस्त गहमागहमी का माहौल रहा।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि अनुश्रवण समिति की बैठकें नियमित रूप से नहीं हो रही हैं, जिससे योजनाओं और कार्यक्रमों की निगरानी प्रभावित हो रही है। इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने पलटवार करते हुए विपक्ष पर सदन का समय बर्बाद करने और बेवजह के मुद्दों पर राजनीति करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस ने सदन के माहौल को और भी उत्तेजित कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह विपक्षी हंगामा घंटों तक जारी रहा, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। इस व्यापक विपक्षी हंगामा को देखते हुए, सदन की कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित भी करना पड़ा।
विधायकों का कहना था कि अनुश्रवण समिति का गठन इसलिए किया गया है ताकि सरकार की नीतियों और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का पता लगाया जा सके। यदि इसकी बैठकें ही नहीं होंगी, तो आखिर जनता के पैसे का सही उपयोग कैसे सुनिश्चित होगा?
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सत्ता पक्ष ने जवाब में कहा कि अनुश्रवण समिति की बैठकों को लेकर प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही उनका आयोजन किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष से रचनात्मक सहयोग की अपील की। हालांकि, विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर ठोस आश्वासन की मांग की।
पूर्णिया कोर्ट में बम धमकी: एक गंभीर मामला
इस गहमागहमी के बीच एक अलग लेकिन बेहद गंभीर खबर सामने आई। पूर्णिया कोर्ट को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इस चेतावनी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर ला दिया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सुरक्षा एजेंसियां इस धमकी के स्रोत का पता लगाने और संभावित खतरे को बेअसर करने में जुटी हुई हैं। इस तरह की धमकियां राज्य की कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती हैं।



