पटना। बिहार की नई सरकार के लिए पहली अग्निपरीक्षा की तैयारी हो चुकी है. 1 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले ही विपक्ष ने ऐसे तेवर दिखाए हैं कि सदन में संग्राम तय माना जा रहा है. RJD और कांग्रेस ने मिलकर सरकार को घेरने का जो ‘मास्टरप्लान’ बनाया है, उसकी भनक लगते ही प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है.
विपक्ष ने बनाई सरकार को घेरने की रणनीति
बिहार में नई सरकार के गठन के बाद विधानसभा का पहला सत्र 1 दिसंबर से 5 दिसंबर तक चलेगा. इस शीतकालीन सत्र को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. सत्ता पक्ष जहां अपनी तैयारियों में जुटा है, वहीं विपक्षी महागठबंधन ने भी सरकार को घेरने के लिए कमर कस ली है. इसी सिलसिले में सोमवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें सत्र के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीति पर गहन चर्चा हुई.
इस बैठक में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक भाई वीरेंद्र, शक्ति यादव और कांग्रेस के विधायक समीर सिंह समेत कई बड़े नेता शामिल हुए. बैठक का मुख्य एजेंडा उन मुद्दों को तय करना था, जिन्हें सदन के पटल पर जोर-शोर से उठाया जाएगा. नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे जनता से जुड़े सवालों पर सरकार से सीधी और तीखी बहस के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
“एकजुट है विपक्ष, पुरजोर तरीके से उठाएंगे जनता के मुद्दे”
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि विपक्ष पूरी तरह से एकजुट है और सरकार को किसी भी मुद्दे पर आसानी से बख्शने वाला नहीं है. उन्होंने कहा, “हम चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता से लेकर आम जनता से जुड़े हर छोटे-बड़े मुद्दे को सदन में उठाएंगे. सरकार को जवाब देना होगा.”
वहीं, कांग्रेस विधायक समीर सिंह ने महागठबंधन में किसी भी तरह के मनमुटाव की खबरों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि सभी दल एक साथ हैं और एक सुर में जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने का काम करेंगे. विपक्ष ने साफ संकेत दिए हैं कि सत्र के दौरान हंगामा देखने को मिल सकता है.
हंगामे की आशंका के बीच पटना में सुरक्षा सख्त
विपक्षी दलों के तेवरों और विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. विधानसभा सत्र के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पटना में धारा 144 लागू कर दी गई है. यह आदेश विधानसभा के आसपास के इलाकों में प्रभावी रहेगा.
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस दौरान किसी भी तरह के धरना, प्रदर्शन, जुलूस या भीड़ इकट्ठा करने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी. विधानसभा की ओर जाने वाले मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है. प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सत्र की कार्यवाही बिना किसी बाधा के संपन्न हो.





