
बिहार बीजेपी: बिहार की सियासत में हलचल मचाने की तैयारी में है बीजेपी। पार्टी ने अब गैर-राजनीतिक परिवारों के युवाओं को सीधे अपने पाले में लाने का बीड़ा उठाया है। आगामी 6 अप्रैल से एक ऐसा विशेष अभियान शुरू हो रहा है, जो पार्टी के संगठन को गांव-गांव और बस्ती-बस्ती तक मजबूत करेगा।
भारतीय जनता पार्टी बिहार में अपने संगठन को और अधिक मजबूत करने के लिए एक महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत कर रही है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले युवाओं को पार्टी से जोड़ना है। भाजपा के स्थापना दिवस 6 अप्रैल से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी नेताओं को जिलों में जाकर युवाओं से सीधा संवाद स्थापित करने का कार्य सौंपा गया है।
बिहार बीजेपी का ‘गांव चलो, बस्ती चलो’ अभियान
पार्टी के निर्देशानुसार, 6 अप्रैल को सभी नेताओं का अपने-अपने आवंटित जिलों में प्रवास होगा। इसके तुरंत बाद, 7 से 12 अप्रैल तक राज्यव्यापी ‘गांव चलो, बस्ती चलो’ अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता आम जनता से सीधे जुड़ेंगे और केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी घर-घर तक पहुंचाएंगे। यह एक मजबूत युवा जोड़ो अभियान है जिसके तहत पार्टी सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्तियों को सम्मानित भी करेगी। हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 50 प्रमुख गांवों को इस अभियान के तहत कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें पार्षद, पंचायत प्रतिनिधि और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा ताकि जमीनी स्तर पर संगठन की पकड़ मजबूत हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
विपक्ष पर साधा निशाना और पार्टी का इतिहास
इस अवसर पर संजय सरावगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास न कोई स्पष्ट नीति है, न नेक नीयत और न ही मजबूत नेतृत्व। उन्होंने दावा किया कि केवल भारतीय जनता पार्टी ही बिहार को विकास के पथ पर आगे ले जाने में सक्षम है। 6 अप्रैल को हर साल भाजपा का स्थापना दिवस मनाया जाता है, जिसकी स्थापना 1980 में हुई थी। बिहार में बीजेपी का जनाधार लगातार बढ़ा है और 2005 में जदयू के साथ गठबंधन के बाद बिहार बीजेपी पहली बार सत्ता में आई थी।
बिहार में बढ़ता जनाधार और संभावित भविष्य
2025 के विधानसभा चुनाव में, भाजपा बिहार की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, जिसके पास फिलहाल विधानसभा में सर्वाधिक 89 विधायक हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि आने वाले समय में बिहार को अपना पहला भाजपा मुख्यमंत्री मिल सकता है। यह युवा जोड़ो अभियान इस जनाधार को और भी मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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